क्रिकेट टूर्नामेंट्स के दौरान प्री-मैच शो की मेजबानी करते वक्त 'कई क्रिकेटर्स' मुझे घूर-घूरकर देखते थे। इस बात का खुलासा अभिनेत्री मंदिरा बेदी ने एक साक्षात्कार के दौरान किया। मंदिरा कहती हैं कि उन्हें मेरे सवाल बहुत बचकाने लगते थे, वह सोचते थे 'ये क्या सवाल पूछ रही है' और अक्सर मेरे सवालों का जवाब भी नहीं देते थे। अगर जवाब दे भी देते थे तो उनके उत्तर का मेरे प्रश्न से कोई नाता ही नहीं होता था और मुझे उनकी इसी बात से डर लगता था।
मंदिरा बेदी का खुलासा: कहा- "इंटरव्यू लेते समय क्रिकेटर्स मुझे घूरकर देखते थे, ठीक से जवाब भी नहीं देते थे"
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरतलब है कि मंदिरा बेदी उन कुछ महिलाओं में से हैं, जिन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी और कमेंट्री दोनों की है। उन्होंने 2003 व 2007 में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और 2004 व 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की थी। इंडियन प्रीमियर लीग सीजन 2 के दौरान मंदिरा ने सोनी मैक्स के लिए शो होस्ट किया था। वहीं मंदिरा आईटीवी (एक ब्रिटिश नेटवर्क) के लिए आईपीएल 3 के कवरेज का नेतृत्व भी कर चुकी हैं।
मंदिरा क्रिकेट में महिलाओं के साथ हो रहे बर्ताव का खुलासा करते हुए बताती हैं कि पैनल पर बैठे लोग कभी नहीं चाहते थे कि मैं क्रिकेट शो की मेजबानी करूं। मेरे बहुत सारे क्रिकेटर्स दोस्त थे, अब वह रिटायर हो चुके हैं, लेकिन तब पैनल को मेरी ये दोस्ती तक पसंद नहीं आती थी। उन्हें यह पसंद नहीं था कि कोई महिला साड़ी पहनकर, सज-धजकर क्रिकेट की बातें करे। किसी ने भी मुझे गाइड नहीं किया, न ही किसी ने मुझ सवाल बताए। मैं वहां आम आदमी का प्रतिनिधित्व करने के लिए गई थी, जिन्हें क्रिकेट के टेक्निकल टर्म्स नहीं पता थे, जो क्रिकेट की बारीकियों को नहीं जानते थे।
मंदिरा आगे बताती हैं कि "मुझे बताया गया था कि उस विशेष समय पर आपके दिमाग में जो भी सवाल आता है, आपको वही सवाल पूछना है। मुझे वह स्वतंत्रता दी गई थी। बेशक, मुझे बहुत सारे क्रिकेटर्स ने घूर-घूरकर देखा, मेरे सवालों पर हंसे और सोचने लगे कि मैं ये क्या पूछ रही हूं, मैं यह भी क्यों पूछ रही हूं। उन्होंने मेरे प्रश्न से संबंधित जवाब भी नहीं दिए और यह बहुत डराने वाला हो सकता है लेकिन मुझे चैनल द्वारा आश्वासन दिया गया था, यह सोनी था, जिसने मेरा समर्थन किया और मुझे 150-200 महिलाओं में से चुना। उन्होंने कहा कि हमने आपको किसी कारण से चुना है, हमें लगता है कि आपके पास वो क्वालिटी है जो हमें चाहिए, इसलिए आगे बढ़िए और वैसे ही रहिए जैसी आप हैं और इस समय का आनंद लीजिए।"
बता दें कि मंदिरा ने शांति (1994) से टेलीविजन धारावाहिक में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 'औरत', 'हैलो फ्रेंड्स', 'दुश्मन', 'जस्सी जैसी कोई नहीं', 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' और 'महाभारत' जैसे कई हिंदी टेलीविजन धारावाहिक में काम किया। इसके अलावा 'फेम गुरुकुल', 'डील या नो डील', 'फियर फैक्टर इंडिया', 'जो जीता वही सुपर स्टार', 'फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी' और 'आई कैन डू दैट' सहित कई रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया।