फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

The Family Man 2: ‘कपड़े बदलकर डायलॉग मार देना ही अभिनय नहीं है’, मनोज बाजपेयी ने बताई एक्टिंग तकनीक

Tue, 01 Jun 2021 05:48 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Tue, 01 Jun 2021 05:48 PM IST
विज्ञापन
Manoj Bajpayee speaks to Pankaj Shukla about his character in The Family Man and his future plans
द फैमिली मैन 2ः मनोज बाजपेयी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

हिंदी सिनेमा में मनोज बाजपेयी को अभिनय का फीनिक्स पक्षी कहा जाता है। जब जब लोगों ने उन्हें मुख्यधारा से हाशिये पर धकेलने की कोशिश की, वह दूनी ऊर्जा से अपने प्रशंसकों के बीच लौटे हैं। ‘भोसले’ का किरदार उनके अभिनय की नई बानगी है तो चर्चित वेब सीरीज ‘फैमिली मैन’ का दूसरा सीजन उनकी नई पीढ़ी के डिजिटल दर्शकों के बीच फिर से अपनी जगह जमाने की कोशिश। अप्रैल में 52 साल के हुए मनोज बाजपेयी मानते हैं कि मौजूदा दौर में परिवार और पेशा दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं रह गया है। वेब सीरीज ‘फैमिली मैन’ में उनका किरदार श्रीकांत तिवारी भी ऐसा ही कुछ करता दिखता है।

Manoj Bajpayee speaks to Pankaj Shukla about his character in The Family Man and his future plans
मनोज बाजपेयी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मनोज बहुत साफगोई से मानते भी हैं, ‘काम कैसा भी हो करता तो उसे एक इंसान ही है। नौकरी पर वह भले तुर्रमखां बना फिरता हो, दफ्तर में लोग उसके नाम के कसीदे गढ़ते हो, लेकिन जब वह घर पर आता है तो उसकी हैसियत बस एक पति या एक पिता भर की रह जाती है। इन रिश्तों को उससे तमाम आशाएं भी होती हैं। इन्हीं आशाओं से गुजरना और अपने आपको एक नए ढांचे में ढालना उसकी हर दिन की चुनौती होती है।’

Manoj Bajpayee speaks to Pankaj Shukla about his character in The Family Man and his future plans
मनोज बाजपेयी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मनोज बाजपेयी का अगला सपना खुद कैमरे के पीछे रहकर दूसरे कलाकारों से अभिनय कराना है। वह निर्देशक बनना चाहते हैं। मनोज कहते हैं, ‘मुझे एक ऐसी कहानी की तलाश है जिसे लेकर मैं निर्देशन में उतर सकूं। ऐसी कहानी की खोज मुझे काफी अरसे से रही है और ये खोज अब बी जारी हैं। जैसा कि आप जानते ही हैं रघुवीर यादव हम तमाम लोगों के अभिनय के आदर्श रहे हैं। मैं सीधा, सच्चा और सरल रास्ता ही अभिनय का रास्ता मानता रहा हूं। ये ऐसा अभिनय है, जहां पर वास्तविकता भी है लेकिन एक खास तरह का ड्रामा भी है। ये सच है कि उनको वह मुकाम नहीं मिला जो उन्हें मिलना चाहिए था।’

विज्ञापन
विज्ञापन
Manoj Bajpayee speaks to Pankaj Shukla about his character in The Family Man and his future plans
अमिताभ बच्चन के साथ मनोज बाजपेयी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मनोज बाजपेयी के किरदारों में उनके प्रशंसक अक्सर एक बात नोट करते हैं और वह ये कि वह जो भी किरदार करते हैं, उसके जैसे ही बन जाते हैं, ऐसा कैसे? मनोज बताते हैं, ‘अगर आपने किसी किरदार की जिंदगी को शूटिंग पर आने से पहले काफी बार जी लिया है। उसका चरित्र आपके रोम रोम में समाया हुआ है, स्क्रिप्ट आपके जेहन में पूरी तरीके से बस चुकी है। तो मेरे लिहाज़ से चीजें पहुंच पाती हैं वहां तक। अगर वो वहां तक पहुंच नहीं रही हैं फिर लगता है कहीं ना कहीं दिक्कत है आपकी तकनीक में। आप कुछ लाइनें बोलकर जा सकते हैं, कुछ वाहवाही भी मिल जाएगी उसमें लेकिन आप कुछ योगदान दे नहीं रहे हैं अपने क्षेत्र में। अपने अभिनय से आगे जाकर कुछ करना है तो इतनी मशक्कत तो करनी ही पड़ेगी।’

विज्ञापन
Manoj Bajpayee speaks to Pankaj Shukla about his character in The Family Man and his future plans
मनोज बाजपेयी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

यानी अभिनय सिर्फ डॉयलॉगबाजी कतई नहीं है? ‘बिल्कुल, अभिनय किसी चरित्र की लाइनें बोल देना भर नहीं है। एक किरदार में रक्त ही नहीं अपनी पूरी की पूरी आत्मा डालना, यह होता है असली अभिनय। सेट पर जाकर कपड़ा बदल लेने और डायलोग बोल देने वाले अभिनय से मुझे बहुत परहेज है। कपड़े के अंदर की आत्मा अगर दर्शकों नहीं दिखाई दे रही तो फिर वह अभिनय नहीं है।’ मनोज अपनी बात को विराम देते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed