कभी ब्रूस ली, जैकी चैन और जेट ली की फिल्में देख धान के खेतों में उनकी नकल उतारने वाले अभिनेता टोनी जा अब खुद भी उतने ही बड़े सुपरस्टार बन चुके हैं। बतौर हीरो अपनी पहली ही फिल्म में अयोध्या का थाइलैंड से नाता जोड़ने वाले अभिनेता टोनी जा से अमर उजाला के लिए ये एक्सक्लूसिव बातचीत की है पंकज शुक्ल ने।
EXCLUSIVE: मार्शलआर्ट्स सुपरस्टार टोनी जा के पसंदीदा सुपरमैन हनुमान, जामवाल संग जोड़ी बनाने की इच्छा
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आपको देखकर लगता नहीं कि आप 44 साल के हो चुके हैं, बालकों जैसी चपलता और फुर्ती कहां से पाते हैं?
मेरे जीवन का एक ही सिद्धांत है, काम में लगे रहो। वही मेरा मूलमंत्र है। मैं सुबह उठता हूं तो अपने शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए अभ्यास करता हूं। किसी फिल्म के लिए जरूरी अलग तरह के मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण लेता हूं। और, इसके अलावा मुझे ध्यान करने से बहुत फायदा मिला है। मेरे लिए एक किरदार से दूसरे किरदार में जाने के लिए जो बात सबसे अधिक लाभ पहुंचाती है, वह ध्यान ही है। ध्यान लगाने से मुझे एक नए चरित्र को आत्मसात करने में भी बहुत मदद मिलती रही है।
तो अपनी नई फिल्म ‘मॉन्स्टर हंटर’ में भी आपने इसी तकनीक का इस्तेमाल किया अपने नए किरदार में जाने के लिए या कुछ और भी काम आया?
(हंसते हुए) ये फिल्म एक वीडियो गेम पर आधारित है तो जाहिर है कि यहां सिर्फ ध्यान से काम नहीं चलने वाला था। मैंने ये गेम खेलने की खूब कोशिश की और मुझे ये कहने में संकोच नहीं कि मेरे जैसे व्यक्ति के लिए ये आसान नहीं रहा। लेकिन, ये गेम बहुत रोचक और मनोरंजक है, इसे खेलने से मुझे अपने चरित्र को समझने में काफी मदद मिली।
फिल्म ‘मॉन्स्टर हंटर’ से पहले भी आप पर्दे पर हैरतअंगेज कारनामे दिखा चुके हैं, इस बार चुनौती कितनी कठिन रही?
मेरे लिए किसी फंतासी फिल्म पर काम करने का ये पहला मौका रहा। किसी वीडियो गेम पर बनी पहली फिल्म में मैं काम कर रहा था तो मुझे अपनी कल्पनाओं के घोड़े दौड़ाने का काफी समय मिला। शूटिंग करते समय इस मॉन्स्टर को लेकर मेरे मन में तरह तरह के विचार आते। कभी मैं अपने सामने एक विशालकाय बिच्छू के होने की कल्पना करता तो कभी एक पर्वताकार हाथी की। असली खलनायकों के मुकाबले अदृश्य दानव से लड़ना अधिक चुनौती भरा था, क्योंकि इस बार मेरे शरीर पर तमाम हथियार भी होते थे। कई बार तो इनका वजन ही 10 किलो के पार हो जाता था।
भारत में लोग ब्रूस ली को भी जानते हैं, जैकी चैन और जेट ली को भी, लेकिन ये सब शहरी दर्शकों को भाते रहे, आपका नाम तो फिल्म ‘ऑन्ग बैक’ से गांव गांव मशहूर हो गया? भारतीय सिनेमा पर नजर रखते हैं क्या आप?
आपने जितने भी महान अभिनेताओं के नाम लिए ये सब मार्शल आर्ट्स के धुरंधर हैं। ये वे लोग हैं जिनका अनुसरण करके मैं यहां तक पहुंचा हूं। भारतीय सिनेमा मुझे बहुत पसंद है। मुझे ‘बाहुबली’ फिल्म बहुत अच्छी लगी। मुझे जब भी मौका मिलता है, भारतीय सिनेमा देखता हूं। मुझे वहां के अभिनेता भी बहुत अच्छे लगते हैं, खासतौर से शाहरुख खान और आमिर खान...