हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित तौर पर आत्महत्या कर लेने के बाद गुटबाजी, खेमेबाजी और वंशवाद जैसे मुद्दों पर रस्साकशी जारी है। किसी भी फिल्मी कलाकार की तरफ से इन मुद्दों पर दिया गया बयान इस समय खूब सुर्खियां बटोर रहा है। इसलिए, इन मुद्दों पर बोलने के लिए अब अभिनेता आफताब शिवदासानी, शत्रुघ्न सिन्हा और जिशु सेनगुप्ता भी सामने आए हैं। अपनी राय तो जावेद अख्तर, फरहान अख्तर और जोया अख्तर ने भी रखी लेकिन इनको कंगना की सोशल मीडिया टीम ने सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया।
जिशू सेनगुप्ता ने नेपोटिज्म की मूल धारणा पर उठाया सवाल, जावेद अख्तर पर कंगना रनौत का निशाना
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अभिनेता आफताब शिवदासानी का कहना है कि गुटबाजी को बीस साल पहले छोटे छोटे डेरों के रूप में जाना जाता था। उन्होंने कहा, 'उस समय लोग कहते थे कि ये यशराज फिल्म्स से है, ये भट्ट कैम्प से है और भी अलग अलग नाम आते थे। मैंने कभी इन चीजों को नहीं समझा। जैसा कि मैं हमेशा से ही अलग-अलग निर्माताओं के साथ काम करता रहा हूं। मेरा उनके साथ मैत्री व्यवहार होता था लेकिन मैं उनका कभी करीबी नहीं बना। वह जब भी किसी किरदार के लिए मुझे बुलाते तो मैं जाता और उनसे मुलाकात करता।'
अभिनेता जिशु सेनगुप्ता ने भी वंशवाद पर अपने विचार रखे हैं। वह कहते हैं, 'मेरा पैसा है। मैं उसे जैसे चाहूं, जहां चाहूं, खर्च कर सकता हूं। मैं अपने बेटे और भतीजे का समर्थन क्यों नहीं करूंगा? आखिर वह मेरा खून है और पैसा भी मेरा है। मैं उन पर खर्च कर सकता हूं। यह बात सही है कि इसके लिए उन्हें हुनरमंद बनना पड़ेगा। मैं सारी उम्र उनपर पैसा नहीं लगा सकता। कोई किसी को बनाता नहीं है। सब अपने हुनर पर ही चलते हैं। मैं नाम नहीं लेना चाहता हूं लेकिन बहुत से ऐसे उदाहरण हैं जिन्हें किसी ने बनाया नहीं है और वह काफी अच्छे हैं।'
इधर शॉटगन कहे जाने वाले अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अप्रत्यक्ष रूप से करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है, 'हमारे समय में ऐसा कोई मामला नहीं था। इस तरह के बनाए गए शोज ही विवादों को पैदा करते हैं। अब तक इस मामले में जिन लोगों के बारे में बात की जा रही है, वह हमारे ही समाज के लोग हैं। लेकिन, फिल्म इंडस्ट्री किसी एक आदमी से नहीं चलती। जिससे कि कोई भी आए और कह दे कि इस आदमी का बहिष्कार करो या फिर इस आदमी को इंडस्ट्री से निकाल दो। यह कहने वाले आप हैं कौन? और आपने इस इंडस्ट्री के लिए या फिर अपनी जिंदगी में किया क्या है?'
उधर, लेखक जावेद अख्तर और उनके बच्चे फरहान और जोया अख्तर वंशवाद पर अपनी राय देने बैठे और अभिनेत्री कंगना रनौत की टीम ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। एक इंटरव्यू के प्रोमो में जावेद अख्तर ने कहा, 'वंशवाद तो हर जगह है। अगर मेरे पास पैसा है और मैं इसे अपने बेटे पर खर्च करना चाहूं तो क्या यह वंशवाद हो गया? फिर तो हर एक उद्योग वंशवाद ही है।' इसके बाद फरहान ने कहा, 'अगर आप बहुत हुनरमंद हैं तो आपका हुनर बाहर आने का रास्ता ढूंढ ही लेगा। उसे कोई रोक नहीं सकता।' इसके साथ ही जोया ने कहा, 'अगर मैं एक नाई हूं तो मेरी दुकान को मेरा बेटा संभालेगा या फिर मैं शहर के सबसे अच्छे नाई को अपनी दुकान सौंप दूंगी?'