फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

राष्ट्रवाद के उत्थान का चरम बिंदु बनी पीएम नरेंद्र मोदी, थियेटर में लगे भारत माता की जय के नारे

Sat, 25 May 2019 12:27 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: अपूर्वा राय Updated Sat, 25 May 2019 12:27 PM IST
सार

  • सिर्फ हजार सिनेमाघरों में रिलीज हुई प्रधानमंत्री की ‘बायोपिक’
  • फिल्म शुरू होने से पहले दर्शकों ने सस्वर गाया, जन, गण मन
  • थियेटर में लगे मोदी मोदी के नारे

विज्ञापन
Pm Narendra Modi became the turning point for the rise of nationalism
vivek oberoi - फोटो : Twitter

गुरुवार की सुबह से देश में भगवा लहर है। यह लहर अब सिनेमाघरों तक आ पहुंची है। राष्ट्रवाद अपने सबसे ऊंचे उफान पर है। सिनेमाघर अंधेरा होता है। परदे पर लिखा आता है, राष्ट्रगान के सम्मान में कृपया खड़े हो जाएं और पूरा सिनेमाघर जन, गण, मन का सस्वर वाचन करने लगता है। किसी फिल्म से पहले एक साथ इतने सारे दर्शकों को एक साथ राष्ट्रगान गाते देखना सुख देता है। राष्ट्रगान खत्म होते ही किसी कोने से आवाज आती है, भारत माता की..., और पूरा हाल पूरी ताकत से बोलता है, जय! फिर शुरू होती है फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी।



Pm Narendra Modi became the turning point for the rise of nationalism
PM Narendra Modi - फोटो : social media
यह नया इंडिया है। गुरुवार को देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए उम्मीद से ज्यादा सीटें दीं। उनकी जीवनी पर बनी फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी दिखा रहे सिनेमाघरों की कितनी सीटें शुक्रवार से लेकर रविवार तक बिकती हैं, इस पर पूरे फिल्म जगत की नजरें लगी हैं। फिल्म दर्शकों को भा रही है और फिल्म के निर्माताओं को उम्मीद है कि फिल्म सुपरहिट रहेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग तक के चक्कर लगाते लगाते इसकी रिलीज का शगुन पहले 11 अप्रैल, फिर 5 अप्रैल और अब 24 मई का निकला है।
Pm Narendra Modi became the turning point for the rise of nationalism
PM Narendra Modi - फोटो : social media
फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी का प्रचार बायोपिक के तौर पर हुआ है पर फिल्म शुरू होती है तो एक डिस्क्लेमर भी है जो कहता है कि फिल्म में नाटकीयता लाने के लिए कुछ पात्रों और कुछ घटनाओं में कल्पना का सहारा लिया गया है। फिल्म में दिखाया गया है गोधरा कांड देश के एक ऐसे कारोबारी के दिमाग की उपज था जो नरेंद्र मोदी को बतौर मुख्यमंत्री सफल होते नहीं देखना चाहता था। गोधरा कांड के बाद पड़ोसी राज्यों की मदद न मिलने को भी फिल्म में जोर शोर से उठाया गया है। एक मंत्री के रिश्वत लेकर निकलते ही मोदी की नजरों में आ जाने का दृश्य भी दमदार है। और, दमदार वह दृश्य भी है जब पुलिस से चारों तरफ घिर चुका नरेंद्र अपने एक सीनियर को अर्थी पर लिटाकर साथियों समेत शवयात्रा बनाकर निकल जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Pm Narendra Modi became the turning point for the rise of nationalism
नरेंद्र मोदी की फिल्म का पोस्टर (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram
फिल्म की ये घटनाएं जब भी परदे पर आती हैं, सिनेमाहॉल में बैठे लोग मोदी, मोदी के नारे लगाते हैं। लेकिन बहुत मुमिकन है कि आपके पड़ोस में ये फिल्म लगी भी न हो। आमतौर पर बड़े सितारों की हिंदी फिल्में चार, साढ़े चार हजार सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं। पीएम नरेंद्र मोदी सिर्फ हजार सिनेमाघरों तक पहुंची है। वह भी अजय देवगन के मैनजर रहे कुमार मंगत की फिल्म वितरण कंपनी पैनोरामा स्टूडियोज की मदद के सहारे।
विज्ञापन
Pm Narendra Modi became the turning point for the rise of nationalism
pm modi - फोटो : Twitter
फिल्म आम आदमी के नजरिए से एक प्रेरणादायक फिल्म है। कांग्रेस और लेफ्ट समर्थक लोगों को ये प्रचार फिल्म लग सकती है। फिल्म को बीजेपी का समर्थन खुलेआम रहा है, लेकिन फिल्म के निर्माता संदीप सिंह के पास इतना बजट नहीं हैं कि वह फिल्म को एक साथ पूरे देश में बीजेपी के करोड़ों समर्थकों तक पहुंचा पाते। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed