फिल्मी दुनिया के सरताज अभिनेता राजकुमार का जन्म 8 अक्टूबर 1926 को बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। राजकुमार की मशहूर फिल्मों में 'पाकीजा', 'वक्त', 'सौदागर' जैसी फिल्में हैं। जानी...हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे, पर बंदूक भी हमारी होगी और गोली भी हमारी होगी और वह वक्त भी हमारा होगा... इस डायलॉग को सुनते ही आपके जहन में राजकुमार शानदार डायलॉग्स याद आ जाते होंगे। पढ़िए राजकुमार के वो सुपरहिट डायलॉग जो हिंदी सिनेमा में हमेशा के लिए अमर हो गए।
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'शेर को सांप और बिच्छू नहीं काटा करते...', पढ़िए सदाबहार एक्टर राज कुमार के 10 शानदार डायलॉग्स
Wed, 03 Jul 2019 12:53 PM IST
अपूर्वा राय
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Wed, 03 Jul 2019 12:53 PM IST
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Raaj kumar
- फोटो : instagram
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जिसके दालान में चंदन का ताड़ होगा वहां तो सांपों का आना-जाना लगा ही रहेगा।– बेताज बादशाह
बाजार के किसी सड़क छाप दर्जी को बुलाकर उसे अपने कफन का नाप दे दो।- मरते दम तक
बाजार के किसी सड़क छाप दर्जी को बुलाकर उसे अपने कफन का नाप दे दो।- मरते दम तक
Raaj Kumar
हमारी जुबान भी हमारी गोली की तरह है। दुश्मन से सीधी बात करती है। - 'तिरंगा'
हम कुत्तों से बात नहीं करते- मरते दम तक
हम कुत्तों से बात नहीं करते- मरते दम तक
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जानी...हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे, पर बंदूक भी हमारी होगी और गोली भी हमारी होगी और वह वक्त भी हमारा होगा। - सौदागर
हम आंखों से सुरमा नहीं चुराते। हम आंखें ही चुरा लेते हैं।- तिरंगा
हम आंखों से सुरमा नहीं चुराते। हम आंखें ही चुरा लेते हैं।- तिरंगा
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इस दुनिया के तुम पहले और आखिरी बदनसीब कमीने होगे, जिसकी न तो अर्थी उठेगी ओर न किसी के कंधे का सहारा, सीधे चिता जलेगी।- मरते दम तक
आजकल का इश्क जन्मों का रोग नही है, वक्ती नशा है, शाम को होता है, सुबह उतर जाता है।- बेताज बादशाह
आजकल का इश्क जन्मों का रोग नही है, वक्ती नशा है, शाम को होता है, सुबह उतर जाता है।- बेताज बादशाह