ऋषि कपूर जन्मजात अभिनेता थे, कहा जाता है कि जब उन्होंने चलना शुरू ही किया था तब वो आइने के सामने जाकर तरह तरह की शक्लें बनाया करते थे। चार सितंबर को जन्में ऋषि कपूर ने अपने 50 साल के फिल्मी करियर में एक से एक शानदार फिल्में कीं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्म फेयर सहित बड़े पुरस्कार तो उन्हें अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही मिल गए थे। ऋषि कपूर की जयंती पर आपको बताते हैं दिवंगत अभिनेता के बारे में कुछ खास बातें।
Rishi Kapoor Birthday: रविवार को शूटिंग नहीं करते थे ऋषि कपूर, जानिए दिवंगत अभिनेता के किस्से
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रविवार को काम नहीं करते थे ऋषि कपूर
ऋषि कपूर ने अपने चाचा शशि कपूर की तरह कभी भी रविवार को काम नहीं किया। रविवार उनके लिए परिवार का दिन होता था। लेकिन शशि कपूर के ठीक विपरीत वो बहुत कड़क और अनुशासनप्रिय पिता थे और अपने बच्चों से बहुत कम बात करते थे। जब चिंटू छोटे थे तो उनकी भी अपने पिता के सामने आवाज नहीं निकलती थी।
बच्चों को बिगाड़ना नहीं चाहते थे ऋषि कपूर
ऋषि के बारे में मशहूर था कि वो थोड़े कंजूस थे, उन्हें लोगों को उपहार देना पसंद नहीं था। जब उनका बेटा रणबीर 16 साल का हुआ था उन्होंने अपनी मां से एक कार की फरमाइश की। लेकिन चिंटू ने उनसे कहा, तुम्हारी अभी कार रखने की उम्र नहीं आई है। वो अपने बच्चों को बिगाड़ना नहीं चाहते थे। जब तक वो अपने पैरों पर खड़े नहीं हो गए तब तक उनके बच्चों रिद्धिमा और रणबीर ने हमेशा इकॉनॉमी क्लास से सफर किया।
थोड़े कंजूस थे ऋषि कपूर
नीतू सिंह ने एक बार ऋषि कपूर की कंजूसी की एक बहुत दिलचस्प किस्सा सुनाया था, "खाने में चिंटू कोई कंजूसी नहीं बरतते थे। मुझे याद है जब हम न्यूयॉर्क गए थे तो वो मुझे महंगे से महंगे रेस्तरां में ले जाया करते थे और एक खाने पर सैकड़ों डॉलर खर्च कर दिया करते थे। लेकिन मामूली चीजों पर खर्च करने में उनकी जान निकलती थी। एक बार न्यूयॉर्क में ही अपने अपार्टमेंट में वापस लौटते हुए मैं सुबह की चाय के लिए दूध की एक बोतल खरीदना चाहती थी। उस समय आधी रात हो चुकी थी लेकिन चिंटू सिर्फ इसलिए दूर की एक दुकान पर गए क्योंकि वहां दूध 30 सेंट सस्ता मिल रहा था।'
कपूर खानदान के सबसे होनहार अभिनेता
ऋषि कपूर ने चरित्र अभिनेता के रूप में जिन किरदारों को निभाया है उनके साथ हमेशा न्याय किया है। लता मंगेश्कर ने बिना वजह ही ये नहीं कहा था कि 'वो कपूर खानदान के सबसे होनहार अभिनेता थे।' उनके अभिनय की खासियत थी उसका 'एफर्टलेस' यानी सहज होना।