दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की मृत्यु पर सिनेमा जगत विश्वास नहीं कर पा रहा है। वह अपने सहकलाकारों के इतने करीब रहे थे कि सभी के दिलों में उनकी तमाम यादें उनके जाने के बाद भी जिंदा हैं। अस्वस्थ होने के बावजूद वह लगातार फिल्मों में सक्रिय रहे थे। आने वाले दिनों में वह कई प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने वाले थे हालांकि अब फिल्म निर्देशक हनी त्रेहन की फिल्म 'शर्माजी नमकीन' उनकी आखिरी फिल्म होगी। हनी त्रेहन से लेकर जूही चावला और अरुणा ईरानी ने ऋषि कपूर से जुड़ी अपनी यादें और किस्से साझा किए और बताया कि वह एक शानदार शख्सियत के मालिक थे जिसकी कमी उनसे जुड़े सभी लोगों को अखरनी है।
जब मच्छरों के चलते ऋषि कपूर ने बदलवा दी शूटिंग लोकेशन, जूही चावला ने भी सुनाए यादगार किस्से
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हनी त्रेहान
ऋषि कपूर के साथ अपने रिश्ते को लेकर हनी त्रेहान कहते हैं, 'उनका काम करने का तरीका काफी प्रोत्साहित करने वाला था। मुझे याद है कि 'शर्माजी नमकीन' की शूटिंग शुरू होने से पहले उनका उत्साह ठीक वैसा ही था जैसा किसी डेब्यू करने जा रहे कलाकार का होता है। फिल्म का दिल्ली शेड्यूल 15 जनवरी 2020 से शुरू होना था। उसी दौरान उनकी बहन की मृत्यु हो गई। मैंने उन्हें शोक संदेश भेजा जिसके बाद उन्होंने मुझसे अगले दिन की शूट टाइमिंग को लेकर पूछा। मैंने उन्हें कुछ दिनों का ब्रेक लेने की सलाह दी जिस पर उन्होंने मुझे कहा, 'बकवास मत करो, जो भी हुआ वह निजी है लेकिन काम प्रोफेशन है। मैं दोनों के प्रति ही बराबर जिम्मेदार हूं।' अगले ही दिन वह सेट पर पहुंच गए थे। हमारी फिल्म एक 60 साल के व्यक्ति की प्रेम-प्रसंग की एक हल्की-फुल्की कहानी है। फिल्म में ऋषि जी शर्माजी के किरदार में हैं।'
जूही चावला
'बोल राधा बोल' और 'साजन का घर' जैसी फिल्मों में ऋषि कपूर के साथ काम करने वालीं जूही चावला ने ऋषि कपूर के साथ अपनी यादों को साझा करते हुए कहा, 'मैंने चिंटू जी के साथ 'घर घर की कहानी' और 'घर की इज्जत' जैसी फिल्मों में काम किया है। नई अभिनेत्री के तौर पर मैं यह देखकर मंत्रमुग्ध हो जाती थी कि वह मुश्किल से ही रिहर्सल किया करते थे लेकिन निर्देशक हमेशा उनके पहले ही शॉट से संतुष्ट हो जाते थे। आगे चलकर मैंने उनके साथ 'बोल राधा बोल' और 'साजन का घर' जैसी फिल्में भी की। सेट पर हम सभी स्क्रैबल खेल खेला करते थे। मैं अच्छा खेलती थी बावजूद इसके चिंटूजी हर बार मुझे हरा देते थे। साल 2017 में 'शर्माजी नमकीन' की स्क्रिप्ट हमें मिली। निर्माता उस फिल्म का नरेशन सभी को साथ में देना चाहते थे। चिंटू जी तुरंत उसके लिए तैयार हो गए।'
'उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन इस तरह के सेशन बहुत करते हैं। जब स्क्रिप्ट पढ़ना शुरू हुआ तो तब वह सेट पर सबसे आखिर तक रुके हुए थे। आखिरी बार मैं उनसे मार्च में एचके हॉस्पिटल में मिली थी। वहां पर वह रूटीन चेकअप के लिए आए थे। कुछ दिनों पूर्व मुझे लगा कि मुझे उनका हाल चाल लेना चाहिए। जब उनकी मृत्यु की खबर सुनी तो वह काफी कष्टजनक था। मेरी उनके साथ काफी अच्छी यादें थी। हम साथ में काफी हंसा करते थे मैं उन्हें काफी याद करने वाली हूं।'