हिंदी फिल्म जगत में एक्शन हीरो तो काफी हुए लेकिन एक्शन डायरेक्टर का तमगा चुनिंदा फिल्मकारों को ही हासिल हुआ। रोहित शेट्टी उन्हीं निर्देशकों में से एक हैं। उन्हें आज के सिनेमा जगत में अपनी खास तरह की फिल्मों के लिए जाना जाता है जिनमें स्टंट्स और गाड़ियों के करतब के साथ ही पुलिस का स्वैग और हंसी का तड़का भी मुख्य है। रोहित ने अपने करियर की शुरुआत तो एक औसत फिल्म 'जमीन' से की लेकिन कुछ ही समय में उन्होंने 'गोलमाल' के चलते इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई तो वहीं 'सिंघम' सरीखी फिल्मों के एक्शन के बूते अलग मुकाम पाया। आज हम आपको रोहित शेट्टी कि ऐसी ही चुनिंदा 10 फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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गोलमाल: फन अनलिमिटेड (2006)
साल 2006 में रिलीज हुई रोहित शेट्टी की यह दूसरी फिल्म है। इस फिल्म में अजय देवगन के साथ अरशद वारसी, शर्मन जोशी और तुषार कपूर मुख्य किरदारों में हैं। कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म की कहानी चार दोस्तों के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने हालात सुधारने के लिए अंधे बुजुर्ग दंपत्ति के घर में पनाह लेते हैं। हालांकि मुसीबत उनका यहां भी पीछा नहीं छोड़ती है। इस फिल्म को लोगों से खूब प्यार मिला और रोहित शेट्टी को असल शब्दों में उनकी बोहनी नसीब हुई। इस फिल्म को नीरज वोहरा ने लिखा था वहीं धिलिन मेहता ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है।
गोलमाल रिर्टन्स (2008)
गोलमाल के हिट होने के ठीक दो साल बाद रोहित शेट्टी अपनी दूसरी किस्त के साथ वापस आए। इस फिल्म में उन्होंने फिर एक बार चार दोस्तों के विषय को ही आजमाया और फिर एक बार हिट रहे। इस फिल्म के साथ ही ऐसा लगने लगा कि रोहित को दर्शकों के पसंद की समझ आ गई है। इस फिल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर के साथ ही श्रेयष तलपड़े और करीना कपूर नजर आईं। फिल्म की कहानी को साजिद फरहाद ने लिखा। वहीं इस फिल्म का निर्माण भी धिलिन मेहता ने किया है। करीब 35 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 80 करोड़ रुपये कमाए।
ऑल द बेस्ट फन बिगेन्स (2009)
2009 में रिलीज हुई रोहित की इस फिल्म में भी अजय देवगन मुख्य किरदार में नजर आए। अजय के साथ ही संजय दत्त, फरदीन खान, बिपाशा बासु मुख्य किरदारों में दिखे। गोलमाल 2 की तरह ही इस फिल्म का लेखन भी साजिद फरहाद ने किया। फिल्म का संगीत प्रीतम ने दिया था। इस फिल्म को अजय देवगन ने खुद प्रोड्यूस किया था। इस फिल्म में हिंदी मसाला फिल्मों में नजर आने वाली फाइटिंग सीन्स के साथ ही जमकर कॉमेडी देखी गई थी। कहानी की बात करें तो फरदीन खान, संजय दत्त के भाई के किरदार में है जो अधिक पॉकेट मनी के लिए तमाम झूठ बोलता है। फरदीन सफलता के आसान रास्ते पाने के लिए बिना सोचे समझे अजय देवगन के परामर्श मानता है और एक-एक करके उसकी जिंदगी में भूचाल आने लगते हैं।
गोलमाल 3 (2010)
हिंदी फिल्म जगत में फ्रेंचाइजी की शक्ल लेने वाली फिल्मों में गोलमाल भी एक फिल्म है। साल 2010 रिलीज हुई इस फिल्म को धिलिन मेहता ने ही प्रोड्यूस किया वहीं साजिद फरहाद ने फिल्म के संवादों को लिखा। इस फिल्म में पुराने कलाकारों के साथ ही मिथुन चक्रवर्ती और रत्ना पाठक भी नजर आईं। दिवाली के करीब रिलीज हुई इस फिल्म का जॉनर से लेकर बाकी पृष्ठभूमि तो तकरीबन एक जैसी रही जिसमें अरशद वारसी, कुणाल खेमू और तुषार कपूर, मिथुन चक्रवर्ती के बेटे होते हैं तो वहीं अजय देवगन और श्रेयस तलपड़े, रत्ना पाठक के बेटे होते हैं। आकड़ों के अनुसार 35 करोड़ में बनी इस फिल्म ने करीब 170 करोड़ रुपये कमाए थे।