{"_id":"5ed8b5f1a75c5b30ac151013","slug":"shabana-azmi-talks-about-helping-migrants-with-husband-javed-akhtar","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पलायन पर बोलीं शबाना आजमी, 'मुंबई तीन चौथाई बाहर के लोगों की, जो शहर छोड़कर जा रहे वे भी हम जैसे ही हैं...'","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
पलायन पर बोलीं शबाना आजमी, 'मुंबई तीन चौथाई बाहर के लोगों की, जो शहर छोड़कर जा रहे वे भी हम जैसे ही हैं...'
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: प्रतीक्षा राणावत
Updated Thu, 04 Jun 2020 02:33 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
शबाना आजमी, जावेद अख्तर
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
कोरोना वायरस ने भारत में जब से दस्तक दी है तभी से हिंदी सिनेमा की नामचीन हस्तियां देश के जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए अपने पैसे के जरिए या फिर अपनी कला के जरिए कुछ ना कुछ काम कर रहे हैं। इतने दिन से सलमान खान, शाहरुख खान, अक्षय कुमार और सोनू सूद जैसे कलाकारों के नाम लोगों को खाना खिलाने और उन्हें अपने घर तक सुरक्षित पहुंचाने के बारे में सामने आते रहे हैं। अब पता चला है कि मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी भी अपने पति जावेद अख्तर के साथ लोगों की भलाई में लगी हुई हैं।
2 of 5
शबाना आजमी
- फोटो : Social Media
शबाना सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिनटा) को व्यक्तिगत तौर पर दान दे चुकी हैं। साथ ही वह अपने पति के साथ मिलकर 4000 से ज्यादा स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों को खाना भी खिला चुकी हैं। उनके पति जावेद अख्तर ने इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स सोसाइटी के 3700 जरूरतमंद सदस्यों को राशन और पैसे का दान देकर मदद की है।
3 of 5
शबाना आजमी, जावेद अख्तर
- फोटो : file photo
शबाना ये भी बताती हैं कि उन्होंने मिजवान वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दिल्ली के आसपास के गांवों में 1 जून तक एक लाख किलो से ज्यादा अनाज, छह हजार से ज्यादा हाथ धोने के साबुन, 860 सैनिटरी पैड्स और 27 हजार से ज्यादा कपड़े के मास्क दान किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
शबाना आजमी, जावेद अख्तर
एक सामाजिक कार्यकर्ता के नजरिए से शबाना का कहना है कि मुंबई शहर से पलायन करने वाले मजदूर सिर्फ अपने घर लौटने वाले लोग नहीं हैं। वे कहती हैं, 'वह लोग हममें से ही एक हैं। मेरे घर में काम करने वाले सभी लोग बिहार, उड़ीसा और पश्चिमी बंगाल से हैं। मेरा मैनेजर भी गोआ से है।'
विज्ञापन
5 of 5
शबाना आजमी
आगे शबाना कहती हैं, 'मैंने हैदराबाद में जन्म लिया है और मेरे पति भी ग्वालियर से हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि इस पूरे शहर में लगभग तीन चौथाई लोग बाहर से हैं जो काम की तलाश में यहां आए। यह हम सभी के लिए एक कठिन समय हैं जिसका हमें मिलकर सामना करना होगा।'
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।