सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में इन दिनों नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती से पूछताछ कर रही है। अभिनेता की मौत के मामले में ड्रग्स का एंगल आने के बाद रिया से पूछताछ की जा रही है। आज (मंगलवार) उनसे पूछताछ का तीसरा दिन है। रविवार को जब रिया एनसीबी के दफ्तर पहुंची तो न्यूज रिपोर्टर्स की भीड़ ने उन्हें घेर लिया था। जिसकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई थी।
Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती को सताया कोरोना का डर, कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए लिया ये बड़ा फैसला
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कोरोना महामारी के बीच रिया चक्रवर्ती को न्यूज रिपोर्टर्स द्वारा इस तरह घेरने पर अभिनेत्री के वकील सतीश मानेशिंदे ने अपनी चिंता व्यक्त की। अब इस मामले में एस्प्लेनेड कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानेशिंदे ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह से मीडिया का व्यवहार है, उससे रिया को कोरोना से संक्रिमत होने का खतरा है। वहीं रिया चक्रवर्ती को रविवार को भीड़ से घिरा देखकर एस्प्लेनेड कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि अब इस मामले की रिमांड याचिकाओं की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इनचार्ज चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट तेजाली टी दांडे ने आदेश दिया है कि तुरंत प्रभाव से, सुशांत सिंह राजपूत केस से संबंधित सभी आरोपियों की रिमांड याचिका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश की जाए। एस्प्लेनेड कोर्ट के इस आदेश का वकील सतीश मानेशिंदे ने स्वागत किया और मीडिया के व्यवहार को बेहद आपत्तिजनक बताया है।
एस्प्लेनेड कोर्ट के आदेश अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक सीएमएम ऑफिस जारी करेगा, जो संबंधित जांच एजेंसियों के साथ गुप्त रूप से साझा किया जाएगा। आदेश में आगे कहा गया है कि, एनसीबी और इस मामले की जांच कर रहीं अन्य एजेंसियां आवश्यक सॉफ्टवेयर और इंटरनेट कनेक्शन का इंतजाम करेंगी, ताकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। साथ ही वीडियो लिंक्स सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों के साथ साझा किया जाएंगे, जो इसकी गोपनीयता बनाए रखेंगे।
बावजूद इसके अगर सरकारी या आरोपियों के वकील निजी तौर पर उपस्थित होना चाहें तो सिर्फ दो जूनियर्स को साथ लाने की अनुमति होगी। जबकि रिमांड संबंधित दस्तावेज व्यक्तिगत या ईमेल के जरिए भेजे जा सकते हैं। गौरतलब है कि इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट, मुंबई पुलिस कमिश्नर, एनसीबी के जोनल डायरेक्टर और सभी उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है।
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