हिंदी सिनेमा के चुनिंदा कॉमेडी कलाकारों में राजेंद्र नाथ का नाम बहुत इज्जत के साथ लिया जाता है। राजेंद्र नाथ अपने बड़े भाई प्रेम नाथ की देखा देखी एक अभिनेता बने जिसके लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई को भी बीच में ही छोड़ दिया था। इसका नतीजा यह हुआ कि अपना पहला किरदार मिलने के लिए बहुत ज्यादा संघर्ष करना पड़ा लेकिन जब किरदार मिला तो फिर उसके बाद राजेंद्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज हम आपको उनके कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं। ये वो किरदार हैं जो हर दौर में फिल्म में मौजूद सुपरस्टार पर भी भारी पड़े।
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किरदार : कैलाश
फिल्म : दिल देके देखो (1959)
राजेंद्र नाथ अपने भाई अभिनेता प्रेम नाथ की देखा देखी अभिनेता तो बन गए लेकिन फिल्मों में उन्हें पहला किरदार पाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ी। तब जाकर उस समय के बड़े फिल्म निर्देशकों में से एक नासिर हुसैन ने उन्हें अपनी इस फिल्म में छुट-पुट मजाक करने वाले एक कॉमेडियन का किरदार निभाने के लिए दिया। इस फिल्म में उनकी कॉमिक टाइमिंग की बहुत तारीफें हुई, तो नासिर हुसैन ने राजेंद्र को लगातार अपनी फिल्मों में लेना शुरू कर दिया था।
किरदार : पोपट लाल / चार्ली
फिल्म : जब प्यार किसी से होता है (1961)
राजेंद्र नाथ ने अब तक कॉमेडी के कुछ छोटे-मोटे किरदार ही किए थे लेकिन इस फिल्म में उन्हें एक कॉमेडियन के रूप में मजबूत किरदार मिला जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। नासिर हुसैन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राजेंद्र ने पोपट लाल का ऐसा किरदार निभाया, जो कहीं ना कहीं फिल्म के मुख्य नायक देव आनंद पर भी भारी पड़ा। इस फिल्म के किरदार पोपट लाल का नाम इतना पसंद किया गया कि आगे चलकर यह नाम राजेंद्र के नाम का पर्यायवाची बन गया।
किरदार : डिफू
फिल्म : फिर वही दिल लाया हूं (1963)
निर्देशक नासिर हुसैन के साथ मिलकर राजेंद्र ने इस फिल्म में अपनी कॉमेडी की विरासत को आगे बढ़ाया। राजेंद्र नाथ का इस फिल्म में किरदार का नाम बिहारीलाल होता है, जिसे लोग प्यार से डिफू बुलाते हैं। डिफू विदेश से पढ़कर आया है। सम्पन्न परिवार से है और मोना (आशा पारेख) के माता पिता उसे बहुत पसंद करते हैं और मोना की शादी डिफू से करवाना चाहते हैं। डिफू के रूप में राजेंद्र की कॉमिक टाइमिंग को दर्शकों ने बहुत पसंद किया।
किरदार : हनुमान शर्मा
फिल्म : हमराही (1963)
गंभीर किरदारों को निभाने वाले कलाकारों के बारे में तो कहा भी जा सकता है कि वह कोई भी किरदार निभा सकते हैं लेकिन एक कॉमेडियन जब एक विलेन का किरदार निभाए तो यह दांतों तले उंगली दबाने वाली बात हो सकती है। इस फिल्म में राजेंद्र ने हनुमान शर्मा के रूप में एक खूंखार विलेन का किरदार निभाया है, जो हेमलता (शशिकला) की हत्या कर देता है। जितना प्यार राजेंद्र को एक कॉमेडियन के रूप में मिला, उतना ही प्यार उन्हें विलेन बनने पर भी प्राप्त हुआ।