निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' 11 मार्च को रिलीज कर दी गई है और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। इस फिल्म की कहानी दर्शकों के दिल को छू रही है। ज्यादातर दर्शक फिल्म देखने के बाद बेहद भावुक हो रहे हैं। 'द कश्मीर फाइल्स' को कर्नाटक सरकार ने भी टैक्स फ्री कर दिया है। इससे पहले हरियाणा, गुजरात और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा फिल्म को राज्यों में टैक्स फ्री किया जा चुका है।
The Kashmir Files: कर्नाटक समेत 4 राज्यों में टैक्स फ्री हुई विवेक अग्निहोत्री की फिल्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात सरकार ने टैक्स फ्री की फिल्म-
Gujarat makes the film The Kashmir Files tax-free in the State: Chief Minister's Office
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक 'द कश्मीर फाइल्स' को गुजरात में टैक्स फ्री कर दिया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय से आई है। हरियाणा सरकार पहले ही इस फिल्म को छह माह तक टैक्स फ्री कर चुकी है।
मध्य प्रदेश में भी टैक्स फ्री हुई 'द कश्मीर फाइल्स-'
Madhya Pradesh government makes the film The Kashmir Files tax-free in the state: CM Shivraj Singh Chouhan
निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। हरियाणा और गुजरात के साथ ही अब 'द कश्मीर फाइल्स' को मध्यप्रदेश सरकार ने भी टैक्स फ्री कर दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी है।
(File pic) pic.twitter.com/jQIa6YRdLQ
फिल्म में हैं कई दिग्गज कलाकार-
द कश्मीर फाइल्स में अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे दिग्गज कलाकार हैं। इसके अलावा फिल्म में पल्लवी जोशी, दर्शन कुमार, चिन्मय मंडलेकर, पुनीत इस्सर, भाशा सुम्बली जैसे कलाकार भी हैं। द कश्मीर फाइल्स में अनुपम खेर के अभिनय को सभी की सराहना मिल रही है।
कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्मों की कहानी-है 'द कश्मीर फाइल्स'
बॉलीवुड इंडस्ट्री में कश्मीर को लेकर अब तक कई फिल्में बन चुकी हैं लेकिन यह पहली बार है, जब किसी निर्देशक ने कश्मीर का सबसे संवेदनशील मुद्दा उठाया है। बरसों से जो दर्द कश्मीरी पंडितों के सीने में शूल की तरह चुभ रहा था, इस फिल्म के जरिए वह अब सबके सामने आ गया है। 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्मों और उनके बेघर होने की कहानी दिखाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों को अपने ही घरों को छोड़कर पलायन करने को मजबूर किया।