'वाह उस्ताद'....जो कोई भी तबला वादक जाकिर हुसैन के तबले की थाप सुनता तो उसके जुबान से यह शब्द निकलता था। हुसैन तबले पर अपनी उंगलियों और हाथ की थाप से जादू का संसार बना देते थे, इसलिए उन्हें 'उस्ताद' जाकिर हुसैन कहा जाता था। आज भले ही वह हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी यादें हमेशा फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगी। जाकिर ने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी संगीत का जादू बिखेरा था। आज जाकिर हुसैन का 74वां जन्मदिवस है। चलिए इस खास मौके पर जानते हैं बॉलीवुड में जाकिर के योगदान के बारे में...
2 of 8
उस्ताद जाकिर हुसैन
- फोटो : ANI
अभिनय में भी जाकिर ने आजमाया था हाथ
जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ था। ये हुनर उन्हें अपने पिता अल्ला रक्खा खान से विरासत में मिला है, जो खुद एक मशहूर तबला वादक थे। पंडित रविशंकर जैसे कई भारतीय कलाकारों के साथ-साथ जॉन मैकलॉघलिन और चार्ल्स लॉयड जैसे वेस्टर्न म्यूजिशियन के साथ सहयोग करने के अलावा उनका हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के साथ भी खास रिश्ता था। जाकिर को सिर्फ तबले पर ही महारत हासिल नहीं थी, बल्कि वह म्यूजिक भी कंपोज करते थे। इसके साथ ही उन्होंने अभिनय भी किया था।
3 of 8
उस्ताद जाकिर हुसैन
- फोटो : इंस्टाग्राम
साज
कविता कृष्णमूर्ति की मधुर आवाज और जावेद अख्तर के बोलों के साथ जाकिर हुसैन ने मशहूर गीत 'क्या तुमने है कह दिया' की रचना की। उन्होंने देवकी पंडित द्वारा गाए गए 'फिर भोर भय' नाम के एक और गीत की भी रचना की। दिलचस्प बात यह है कि जाकिर हुसैन ने शबाना आजमी के साथ इस फिल्म में अभिनय भी किया था।
4 of 8
उस्ताद जाकिर हुसैन की फैमिली ट्री
- फोटो : अमर उजाला
इन कस्टडी
जाकिर हुसैन ने 1993 में आई इस्माइल मर्चेंट निर्देशित इस फिल्म 'इन कस्टडी' के संगीत स्कोर में योगदान दिया। सुल्तान खान, फजल कुरैशी और उल्हास बापट जैसे संगीतकारों के साथ मिलकर जाकिर हुसैन 'नसीब आजमाना' के गाने का संगीत निर्देशित किया, शंकर महादेवन ने गाया था। जाकिर हुसैन ने फिल्म का एक और गाना 'दिल ठहर जाएगा' बनाया था। इस फिल्म में शशि कपूर, शबाना आजमी, ओम पुरी, नीना गुप्ता, अमजद खान और अन्य जैसे कई बेहतरीन कलाकार थे।
5 of 8
उस्ताद जाकिर हुसैन
- फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
मिस्टर एंड मिसेज अय्यर
जाकिर हुसैन ने अपर्णा सेन की 2002 की फिल्म 'मिस्टर एंड मिसेज अय्यर' के लिए बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार किया था। कोंकणा सेन शर्मा और राहुल बोस जैसे कलाकारों के साथ उन्होंने 'किथे मेहर अली' और 'इफ आई'ड नोन' जैसे ट्रैक में योगदान दिया। जाकिर हुसैन ने पहली बार सिनेमा में इसी फिल्म का गाना 'किथे मेहर अली' का एक हिस्सा गाया था