TV Show Review: राम प्यारे सिर्फ हमारे
कोरोना काल का संकट जैसे जैसे कम हो रहा है, लोगों में इसका डर खत्म हो रहा है। कारोबार भी फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। और, इस सबके बीच मनोरंजन की दुनिया में भी नए धारावाहिकों औऱ वेब सीरीज का आगमन होना शुरू हो गया है। इस सीजन का पहला नया धारावाहिक जी टीवी ने शुरू किया है, ‘राम प्यारे सिर्फ हमारे’। अपनी ही कंपनी के सहयोगी चैनल एंडटीवी के धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं’ की नकल मारकर बने इस शो का पहला एपीसोड सोमवार को प्रसारित हुआ।
Ram Pyaare Sirf Humare Review: भोंडी कॉमेडी की ‘गंगा’ में जी टीवी ने भी धो लिए हाथ, बनाया ये नकली शो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सचिन मोहिते और रणवीर प्रताप सिंह का लिखा ये नया शो ‘राम प्यारे सिर्फ हमारे’ धारावाहिक लेखन में लगातार आ रही गिरावट की एक और गिरावट है। शो का मकसद सिर्फ महिला चरित्रों को लालसा की विषय वस्तु की तरह पेश करना है। किसी भी महिला चरित्र की कोई अपनी दमदार पृष्ठभूमि कहानी में नजर नहीं आती, पूरे मोहल्ले की महिलाओं को एक ऐसे पुरुष पर लट्टू दिखाया गया है, जिसको इसके रचनाकार भगवान राम का कलयुगी अवतार बनाकर पेश करने की कोशिश में दिखते हैं।
कहानी की शुरूआत एक बहुत ही खराब आवाज वाले वॉयस ओवर आर्टिस्ट के वीओ से होती है, जो भोपाली पुट लाने की कोशिश तो बहुत करता है और इसमें हो सकता है कि कामयाब भी रहे लेकिन देश में दूसरी जगहों पर रहने वाले हिंदी भाषी लोग इससे कोई कनेक्शन जोड़ नहीं पाते। कहानी दुलारी, राम और कोयल की है। लेकिन, फोकस में अन्य महिला पात्र भी हैं। राम के पास एक सैलून है, एक बात बात पर ‘अइसे कइसे’ बोलने वाली बीवी है और है घर में काम करने वाली एक नौकरानी जो खुद को शबरी समझती है और बिना चखे कुछ भी राम को खाने या पीने नहीं देती।
‘राम प्यारे सिर्फ हमारे’ की तथाकथित प्रेम कहानी का तीसरा कोण है, झांसी से भोपाल रहने आई कोयल। सनी लिओनी का सस्ता संस्करण दिखने वाली कोयल की एंट्री शो में ऐसे कराई गई है जैसे कि शो बनाने वालों ने सनी लिओनी ही शो के लिए साइन कर ली हो। इतने भोंडे तरीके से किसी महिला किरदार को किसी शो में कम ही पेश किया गया है। शो के प्रसारण का समय रात 10.30 बजे रखा गया है। चैनल को अगर इसे एडल्ट कंटेंट के रूप में ही प्रसारित करना है तो फिर शो की शुरूआत में इसका डिस्क्लेमर जरूर लगाना चाहिए।
‘राम प्यारे सिर्फ हमारे’ की पूरी कथावस्तु ही भारतीय संस्कृति की हंसी उड़ाती है। अभिनेता निखिल खुराना को राम की वेशभूषा में दिखाना और शबरी बनी नौकरानी का उनको फूल चढ़ाना, राम की कप से उसकी चाय पीना सब बहुत ही जबर्दस्ती का बनाया लगता है। कोयल बनी शमीन मनान का बात बात में ‘आए बड़े’ बोलना वैसा ही लगता है जैसे कि ‘सही पकड़े हैं’ बोला गया था। ‘राम प्यारे सिर्फ हमारे’ धारावाहिक बनाने वालों ने ‘भाबी जी घर पर हैं’ के सारे गुणसूत्र तो कॉपी कर लिए हैं, लेकिन शो की जो आत्मा उस शो में कानपुर की मिट्टी की खूशबू से आती है, वह यहां कहानी को भोपाल में सेट करने से आ नहीं पाई है। सूरमा भोपाली की नकल करने वाले कव्वाल को कहानी में सेट करने का कोई फायदा होता फिलहाल तो नहीं दिखता। हो सकता है आने वाले एपीसोड में कहानी थोड़ा बेहतर हो और अभिनय में भी सावधानी बरती जाए।
पढ़ें: Expiry Date on ZEE5: इस मर्डर मिस्ट्री ने जीता दर्शकों का दिल, भरोसा टूटने के बाद के भूचाल की दस्तक