हिंदी सिनेमा में खान सितारों का भी एक दौर हुआ है। इस दौर में कामयाब हीरोइन उसी को माना जाता था जिसने तीनों खानों के साथ कम से कम एक फिल्म तो जरूर की हो। और, खामखां की बनाई इस कसौटी पर खरा उतरने के लिए हीरोइनों ने भी क्या कुछ कोशिशें नहीं कीं। माधुरी दीक्षित, जूही चावला, काजोल और रानी मुखर्जी के कंधे से कंधा मिलाने की कोशिशों में करिश्मा कपूर, करीना कपूर, प्रीति जिंटा, उर्मिला मातोंडकर, रवीना टंडन, मनीषा कोइराला से लेकर ट्विंकल खन्ना और सोनाली बेंद्रे तक शामिल रही हैं।
बाइस्कोप: शाहरुख और काजोल की इस फिल्म में सबसे पहले बननी थी जोड़ी, फिर ऐसे लगा नंबर रवीना टंडन का
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रवीना टंडन के करियर की बोहनी ही सलमान खान के साथ फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से हुई। आमिर खान और सलमान दोनों के साथ वह फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में दिखीं। और, शाहरुख के साथ काम करने का उनका सपना पूरा किया फिल्म निर्देशक रमेश सिप्पी ने फिल्म ‘जमाना दीवाना’ बनाकर। किसी निर्देशक की कामयाबी में उसकी टीम का कितना बड़ा योगदान होता है, ये रमेश सिप्पी की फिल्मोग्राफी देखकर समझा जा सकता है। एक निर्देशक जिसने हिंदी सिनेमा को ‘अंदाज’, ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘शक्ति’ और ‘सागर’ जैसी फिल्में दी हों, वह अपने करियर की सेकेंड इनिंग्स में कैसे बार बार बॉक्स ऑफिस पर मात खाता रहा, इसकी रिसर्च बहुत ही दिलचस्प है। एक निर्देशक अपने सिनेमैटोग्राफर, अपने म्यूजिक डायरेक्टर, अपने आर्ट डायरेक्टर, अपने कॉस्ट्यूम डिजाइनर के अलावा सबसे ज्यादा निर्भर करता है अपने स्क्रिप्ट राइटर्स पर। रमेश सिप्पी को लिखने का ज्यादा इल्म नहीं है और उनकी शुरूआती फिल्में सलीम-जावेद के करिश्मे पर काफी कुछ टिकी रहीं, ये तिलिस्म रमेश सिप्पी की दूसरी पारी की फिल्मों से गायब रहा।
यहां जिस फिल्म ‘जमाना दीवाना’ का जिक्र मैं कर रहा हूं उसकी कहानी ही गड़बड़ रही। फिल्म में दो बड़े सितारे हैं, शत्रुघ्न सिन्हा और जीतेंद्र। फिल्म ‘गोल्ड मेडल’ से चर्चा में आई जीतेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा की जोड़ी इसके बाद सुपरहिट फिल्म ‘खिलौना’ में साथ दिखी। ‘जमाना दीवाना’ से पहले दोनों ने ‘शादी के बाद’, ‘कैदी’, ‘खुदगर्ज’ और ‘रणभूमि’ जैसी फिल्मों मे भी साथ काम किया। रमेश सिप्पी ने भी सोचा यही होगा कि जीतेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जब बड़े परदे पर टकराएंगे और इन दोनों की संतानों की लव स्टोरी सामने आएगी तो लोग झूम उठेंगे। लेकिन, रमेश सिप्पी की रिसर्च टीम ने उनको ये नहीं बताया कि ये कहानी तो लोग फिल्म ‘खुदगर्ज’ में पहले ही देख चुके हैं। राकेश रोशन के निर्देशन में बनी इस सुपरहिट फिल्म के गाने लोग आज तक याद करते हैं, खासतौर से मोहम्मद अजीज का गाया गाना, ‘मय से मीना से ना साकी से....।’ एक बात जो यहां खासतौर से नोट करने लायक है वो ये कि शत्रुघ्न सिन्हा ने इस फिल्म में रमेश सिप्पी के साथ उनकी फिल्म ‘शान’ के 15 साल बाद फिर से काम किया। शाहरुख खान और शत्रुघ्न सिन्हा ने एक साथ काम बस इसी एक फिल्म मे किया है।
कहानी ‘जमाना दीवाना’ की ये है कि शहर के दो चर्चित दोस्त सूरज और लाला कच्चे कानों के चलते एक दूसरे के दुश्मन बन जाते हैं। दोनों के बीच चक्की सी चलती अदावत में शहर पिसने लगता है तो एक एसीपी को बिल्कुल फिल्मी आइडिया सूझता है। ये आइडिया ही फिल्म ‘जमाना दीवाना’ का असली दुश्मन है। पता नहीं, रॉबिन भट्ट और जावेद सिद्दीकी जैसे माहिर पटकथा लेखकों ने इस पर एतराज क्यों नहीं जताया।
जावेद सिद्दीकी वही राइटर हैं जिनकों फिल्म बाजीगर, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और राजा हिंदुस्तानी की पटकथाएं लिखने के लिए फिल्मफेयर और स्क्रीन पुरस्कार मिल चुके हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर की मशहूर रजा लाइब्रेरी के मुलाजिम शुजात सिद्दीकी के बेटे जावेद सिद्दीकी ने मुंबई में पत्रकारिता से शुरूआत करने के बाद फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ से अपना फिल्मी करियर शुरू किया। जावेद को ‘तुम्हारी अमृता’ समेत तमाम नाटक लिखने के लिए भी जाना जाता है। और, रॉबिन भट्ट का तो सर नेम ही काफी है उनकी पहचान के लिए। फिर भी जिनको ना पता हो, उन्हें बताते चलते हैं। रॉबिन भट्ट के पिता यशवंत भट्ट उर्फ बटुक भट्ट उर्फ नानाभाई भट्ट मशहूर फिल्ममेकर रहे हैं। नानाभाई की पत्नी का नाम था हेमलता भट्ट और उनकी प्रेमिका थीं, शिरीन मोहम्मद अली। महेश भट्ट और मुकेश भट्ट इन्हीं शिरीन के बेटे हैं। और, हेमलता भट्ट के बेटे हैं रॉबिन भट्ट।
खैर, हम लौटते हैं फिल्म ‘जमाना दीवाना’ के उस आइडिए की तरफ जिसे रमेश सिप्पी ने शायद अपनी फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी समझ लिया। आइडिया ये था कि शहर का एसीपी दो क्रिमिनल साइकोलॉजिट्स को इस काम पर लगाता है कि सूरज के बेटे राहुल और लाला की बेटी प्रिया के बीच प्यार करा दिया जाए। दोनों घरों में मोहब्बत के गुल खिलेंगे तो शहर भी इन दोनों की दुश्मनी से बच जाएगा। ‘प्याराना’ नाम से बननी शुरू हुई इस फिल्म का नाम शायद शाहरुख खान की हिट फिल्म ‘दीवाना’ का फायदा लेने के लिए ही बाद में बदलकर ‘जमाना दीवाना’ रख दिया गया है। फिल्म का नाम बीच में कुछ दिनों के लिए ‘प्रेमयुद्ध’ भी चर्चा में रहा।
फिल्म देखने के बाद आपको शक इस बात का हो सकता है कि ये फिल्म रमेश सिप्पी ने वाकई निर्देशित की भी है कि नहीं। चलिए आगे बढ़ने से पहले आपको एक गाना दिखा देते हैं, जो शाहरुख खान और रवीना टंडन पर फिल्माया गया है। इस गाने को देखने के बाद आपको फिल्म ‘सागर’ में डिंपल कपाड़िया और ऋषि कपूर वाला गाना ‘पास आओ ना...’ जरूर याद आएगा। गाना भले कोरियोग्राफर ने शूट किया हो लेकिन इसके लिए जो भी रमेश सिप्पी ने समझाया है, वह ‘सागर’ जैसा तो कतई नहीं है लेकिन रवीना टंडन ने अपनी तरफ से जो इस गाने में किया है, वह तमाम लोगों तक पहुंच ही नहीं पाया। रवीना टंडन ने बाद में अपनी यही अदाएं 'टिप टिप बरसा पानी..' में दिखाकर करोड़ों के दिल लूट लिए। रवीना टंडन की ये फिल्म भले न चली हो, लेकिन रवीना टंडन के रूप का लावण्य इसी फिल्म से दूसरे फिल्म निर्देशकों ने पहचाना और आगे चलकर अपनी अपनी अपनी फिल्मों में कायदे से उसका प्रदर्शन भी किया।