भारत एक ऐसा देश है, जहां हर राज्य अपनी किसी न किसी चीज की वजह लोकप्रिय है। भारत देश की चीजों का बोलबाला विदेशों में भी देखने को मिलता है। फिर चाहे वो साउथ की कांजीवरम साड़ियां हो, पंजाब का पटियाला सूट हो या फिर राजस्थान की घाघरा-चोली हो। यह ऐसी वेशभूषा है, जिसके लिए इनका राज्य पहचाना जाता है। हालांकि, जब भी बात कपड़ों की आती है तो इसमें चिकनकारी को जरूर शामिल किया जाता है। चिकनकारी एक पारंपरिक महीन कढ़ाई को कहा जाता है, जिसका नाम लेते है हमें लखनऊ की याद आ जाती है। हालांकि, आज कल चिकनकारी के नाम पर लोग डुप्लीकेट ड्रेसेस भी बेच रहे हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप असली और नकली चिकनकारी में कैसे फर्क कर सकते हैं और नकली चिकनकारी कढ़ाई को कैसे पहचान सकते हैं। आइए जानते हैं।
Chikankari Embroidery: कैसे करें असली और नकली चिकनकारी में पहचान? इन बातों का ध्यान रखकर आसानी से करें फर्क
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Thu, 13 Feb 2025 11:05 AM IST
सार
Chikankari Designs: चिकनकारी एक पारंपरिक महीन कढ़ाई को कहा जाता है, जिसका नाम लेते है हमें लखनऊ की याद आ जाती है। हालांकि, आज कल चिकनकारी के नाम पर लोग डुप्लीकेट ड्रेसेस भी बेच रहे हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप असली और नकली चिकनकारी में कैसे फर्क कर सकते हैं।
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