Navratri 2022: नवरात्रि के नौ दिनों में कभी ना पहनें ऐसे कपड़े, देवी मां हो जाती हैं नाराज
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वैसे तो नवरात्रि की हर देवी को अलग रंग पसंद हैं। लेकिन अगर आपके लिए हर दिन उन खास रंगों को पहनकर पूजा करना संभव ना हो तो केवल लाल रंग पहनें। लाल रंग देवी मां को बेहद प्रिय है। श्रृंगार के सामान में लाल चूड़ी, महावर, सिंदूर, मेहंदी के साथ ही लाल चूनर मां को भेंट की जाती है। वहीं लाल रंग पहनकर पूजा करने से भी मां की कृपा मिलती है। पुरुष भी नवरात्रि के व्रत में लाल रंग के वस्त्र पहनकर पूजा कर सकते हैं।
काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। भले ही नवरात्रि की सांतवी देवी कालरात्रि को नीला रंग प्रिय हो लेकिन अन्य दिनों में काले या नीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा नहीं करनी चाहिए। काले रंग को अशुभता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान काले या नीले रंग के कपड़ों से पूरी तरह से परहेज करना चाहिए।
नवरात्रि के नौ दिनों में पूजा-पाठ और व्रत अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि की नौ दिनों में पूजा के दौरान नए वस्त्र पहनने चाहिए। लेकिन हर दिन नए वस्त्र पहनना संभव ना हो तो साफ-सुधरे और धुले कपड़ों को पहनकर पूजा करें। ऐसे कपड़े जो धुलने के बाद सीधे पूजा के लिए ही पहने जाएं और इसे पहनकर मल-मूत्र का विसर्जन या भोजन ना ग्रहण किया गया हो।
इसी तरह से नवरात्रि के दिनों में पूजा के दौरान हमेशा अपने कपड़ों को ही पहनें। किसी दूसरे के या फिर मांगे हुए कपड़ों को पहनकर देवी मां की उपासना नहीं करनी चाहिए।