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हादसे से बचाव: गोरखपुर में ध्वस्त कराए जाएंगे सभी जर्जर भवन, नौ अधिकारियों को मिली यह जिम्मेदारी

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 27 Sep 2022 02:05 PM IST
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All dilapidated buildings will be demolished in Gorakhpur
गोरखपुर में जर्जर मकान। - फोटो : अमर उजाला।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में जर्जर मकान गिरने से हुईं घटनाओं को देखते हुए डीएम कृष्णा करुणेश ने एहतियातन जिले के सभी जर्जर भवनों को चिह्नित कर ध्वस्त कराने का निर्णय किया है। इस संबंध में सोमवार को निर्देश जारी किए गए हैं। भवनों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी एसएसपी, नगर आयुक्त एवं जीडीए उपाध्यक्ष सहित नौ अधिकारियों को दी गई है।



डीएम ने बताया कि भारी बारिश के कारण गोरखपुर सहित प्रदेश के कुछ जिलों में जर्जर मकान या दीवार गिरने से नौ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बारिश जारी है। ऐसे में आशंका है कि यहां भी जर्जर भवन गिर सकते हैं।

 

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All dilapidated buildings will be demolished in Gorakhpur
गोरखपुर में जर्जर मकान। - फोटो : अमर उजाला।

आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का हवाला देते हुए डीएम ने जल्द से जल्द जर्जर भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं या निष्प्रयोज्य हैं, उन्हें चिह्नित कर ध्वस्त किया जाए। नियमित रूप से इसकी रिपोर्ट डीएम कार्यालय को देनी होगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।

 

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गोरखपुर में जर्जर मकान। - फोटो : अमर उजाला।

नगर निगम ने पहले ही चिह्नित कर रखे हैं 136 मकान
जर्जर हो चुके 136 मकानों को नगर निगम पहले ही चिह्नित कर चुका है। इन मकानों को खतरनाक मानते हुए खाली करने का नोटिस भी दिया जा चुका है। बावजूद इसके लोग उसमें रह रहे हैं और मकान खाली करने को तैयार नहीं है। नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार शहर में सबसे ज्यादा जर्जर मकान तिवारीपुर और माधोपुर इलाके में है। ज्यादातर मकानों की दीवारों और छतों से प्लास्टर उखड़ चुके हैं। सरिये तक बाहर आ चुके हैं। कई भवनों की तो रेलिंग टूटकर गिर चुकी है। बरसात के दिनों में पानी टपकता रहता है।

 

All dilapidated buildings will be demolished in Gorakhpur
गोरखपुर में जर्जर मकान। - फोटो : अमर उजाला।

दो तरह से होता है सर्वे
जर्जर मकानों का सर्वे दो तरह से होता है। जिन जर्जर मकान के अचानक गिरने से उसमें और आसपास रहने वाले नागरिकों के जीवन पर संकट होता है, उसे नगर निगम अत्यधिक संवेदनशील की श्रेणी में रखता है। जिन मकान के गिरने से उसमें रहने वालों को खतरा होता, उसे संवेदनशील की श्रेणी में रखा जाता है। इन मकानों के स्वामियों को खतरे से आगाह कराया जाता है।

 

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गोरखपुर में जर्जर मकान। - फोटो : अमर उजाला।
शहर में इतने जर्जर मकान
धर्मशाला बाजार  02
दीवान बाजार     04
गिरधरगंज         01
इस्माइलपुर        02
छोटे काजीपुर     01
रायगंज रोड       01
बसंतपुर           02
चकसा हुसैन      09
भरटोलिया         01
हांसूपुर             01
दीवान दयाराम     01
जंगल तुलसीराम   01
अयोध्या टोला     01
मानबेला           03
बंगला टोला        01
सुड़िया कुआं       02
चरगांवा            01
भेड़ियागढ़          05
सूरजकुंड           13
रसूलपुर             03
अलहदादपुर         03
माधोपुर              43
तिवारीपुर            27
गोरखनाथ          01
दिलेजाकपुर        01
मोहद्दीपुर           01
असकरगंज        01
दाउदपुर            01
मिर्जापुर            01
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