कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच बकरीद शनिवार को अकीदत व सादगी के साथ मनाई जा रही है। शनिवार से शुरू होने वाली कुर्बानी का सिलसिला सोमवार की शाम तक चलेगा। लॉकडाउन के बीच मुसलमान भाइयों ने कुर्बानी के जानवर खरीद लिए हैं।
Bakrid 2020: गोरखपुर में तैयारियां मुकम्मल, आज मनाई जा रही है बकरीद, तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यहां लोगों ने दो दिन पहले ही सेवईयों के भी इंतजाम पूरा कर लिए गए थे। ईदगाह व मस्जिद में गाइडलाइन के मुताबिक केवल पांच-पांच लोगों ने ही बकरीद के लिए नमाज अदा की। बाकी अवाम घरों में चार रकात नफ्ल नमाज चाश्त की अदा कर कोरोना वायरस से निजात की दुआ मांगी। नमाज के बाद घरों में ही कुर्बानी दी गई।
गौरतलब है कि शुक्रवार को लॉकडाउन के बीच भी मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल-पहल रही। गली-मोहल्लों में कुर्बानी के जानवर बिकते दिखे। देर रात इनकी खरीदारी होती रही। ज्यादातर दुकानें बंद होने की वजह से लोगों को दिक्कतें भी हुईं। समाज की महिलाओं ने बताया कि इस बार लॉकडाउन के चलते कपड़ों के बाजार बंद थे। पर्व में मेहमान नवाजी जमकर होती है। पर इस बार मेहमान नवाजी से बचेंगे। होटल भी इस बार बंद रहेंगे। उलेमा-ए-किराम सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लोगों को सफाई व सरकारी गाइडलाइन पर अमल करने की अपील करते रहे। बधाइयों को देने का सिलसिला भी जारी रहा।
पिछले सालों से सस्ते बिके बकरे
लॉकडाउन की वजह से कुर्बानी का बाजार नहीं लग सका। जिसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ा। गली-मोहल्लों में घूम-घूम कर पशुपालकों ने जानवर बेचें। खरीदारी लोगों ने आसपास के ग्रामीण इलाकों से की। पिछली बार की तुलना में जानवर सस्ते बिके। सात हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक के जानवर बाजार में बिके। लॉकडाउन की वजह से इस बार कम कुर्बानी होनी की संभावना है। वहीं जानवरों के चमड़े के रेट में भारी गिरावट है। लिहाजा मदरसे वालों ने चमड़ा बटोरने से हाथ खींच लिया है।
जहां रहती थी रौनक वहां रहा सन्नाटा
मुस्लिम घरों में बकरीद की तैयारी 10 दिनों पहले ही शुरू हो जाती थी। लेकिन इस बार कोरोना से बचाव को लेकर लगे लॉकडाउन के कारण लोगों ने बकरीद की कोई खास तैयारी नहीं की। शहर में पिछले साल शाहमारूफ, घंटाघर, रेती चौक, गोरखनाथ, जाफरा बाजार, मियां बाजार, नखास चौक, खूनीपुर आदि बाजारों में बकरीद के दौरान तिल रखने तक की जगह नहीं होती थी लेकिन इस बार यहां सन्नाटा पसरा रहा। हर कोई लॉकडाउन का पालन करता नजर आया।