गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भारत बॉयोटेक की ओर से तैयार की गई कोरोना की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल अब नहीं होगा। देशभर के 23 संस्थानों में आईसीएमआर और भारत बॉयोटेक ने वैक्सीन के ट्रायल शुरू कर दिए हैं। इसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज को शामिल नहीं किया गया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नहीं होगा कोरोना कोवैक्सीन का ट्रायल, जानिए किसे मिला मौका
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बीआरडी की जगह पटना एम्स में ट्रायल शुरू किए गए हैं। इससे बीआरडी मेडिकल कॉलेज को तगड़ा झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार को शासन की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च) व भारत बॉयोटेक की ओर से तैयार की गई कोवैक्सीन का ट्रॉयल अक्तूबर माह में होना है।
इसके लिए दो हजार से अधिक वालंटियर की जरूरत होगी। प्राचार्य ने इसके लिए तीन सदस्यीय टीम भी गठित कर दी थी। 15 नवंबर के बाद वैक्सीन का ट्रायल होने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई सूचना कॉलेज प्रशासन को नहीं दी गई है।
इस बीच पटना एम्स में ट्रायल शुरू हो गया है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि ट्रायल के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। इससे पूर्व दो चरण का ट्रायल गोरखपुर के राणा हॉस्पिटल में हो चुका है। पहली बार आठ और दूसरी बार 14 वालंटियर को वैक्सीन लगाई गई थी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि वैक्सीन ट्रायल के संबंध में पहले जानकारी दी गई थी। डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक भारत बॉयोटेक और शासन की ओर से हमसे कोई संपर्क नहीं किया गया है।
आईसीएमआर प्लानिंग कोर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने कहा कि भारत बॉयोटेक की ओर से वैक्सीन का ट्रायल होना था। पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज का नाम सामने आया था, लेकिन भारत बॉयोटेक अब पटना एम्स में वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर चुकी है।