{"_id":"623d7c99284edc281d2c1065","slug":"cm-yogi-special-story-before-oath-ceremony","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"CM Yogi 2.0: सीएम योगी नहीं बनना चाह रहे थे गोरखनाथ मंदिर के 'युवराज', महंत अवेद्यनाथ भी हो गए थे मायूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CM Yogi 2.0: सीएम योगी नहीं बनना चाह रहे थे गोरखनाथ मंदिर के 'युवराज', महंत अवेद्यनाथ भी हो गए थे मायूस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Mar 2022 10:23 AM IST
विज्ञापन
योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी आदित्यनाथ दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। आज हम उनके जीवन से जुड़ी वो खास कहानी बताने जा रहे हैं। जब महंत अवेद्यनाथ से उनकी पहली मुलाकात हुई थी। बात अक्तूबर 1993 की है, महंत अवेद्यनाथ दिल्ली एम्स अस्पताल में हृदयरोग विभाग में इलाज करवा रहे थे। इस दौरान संक्षिप्त निंद्रा में अपनी आंख खोली तो देखा, सामने योगी खड़े थें। उनके चेहरे पर फीकी मुस्कान दौड़ पड़ी।
Trending Videos
सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
महंत को एक शिष्य की शिद्दत से तलाश थी, जो उनका उत्तराधिकारी बन सके और उनकी अनुपस्थिति में उनके नाम पर मंदिर प्रशासन का संचालन कर सके। दिग्विजयनाथ मात्र 48 साल के थे जब उन्होंने अवैद्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी बना दिया था। परन्तु अवेद्यनाथ 74 साल की उम्र में भी यह कर पाने में सफल नहीं हो सके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम योगी बनने के बाद पहली बार अपने गांव जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला।
महंत अवेद्यनाथ को अपनी कहानी याद आ गई, जब 52 साल पहले उन्होंने भी अपने गुरू महंत दिग्विजयनाथ का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। हालांकि थोड़े समय बाद ही कहानी बदलनी वाली थी। कुछ समय बाद अजय को पता चला कि अवेद्यनाथ फिर से अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर हैं। इस बार वो अपने आप को नहीं रोक सके।
योगी आदित्यनाथ। (file)
- फोटो : अमर उजाला।
अजय अस्पताल में महंत अवेद्यनाथ के बिस्तर के पास खड़े थे, महंत आशा भरी निगाहों से उन्हें देख रहे थे। उन्होंने कहा कि मैंने अपना जीवन रामजन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया है, किन्तु अपना शिष्य नहीं चुन सका हूं। अगर मुझे कुछ हो गया तो क्या होगा?
विज्ञापन
सीएम योगी की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
इसके बाद अजय ने कहा कि आप बिल्कुल ठीक हो जाएंगे, मैं जल्द गोरखपुर आऊंगा। इसके बाद योगी अपने घर गए और अपनी मां गोरखपुर जाने की बात कहीं तो उन्हें लगा कि बेटा नौकरी करने जा रहा है और वह गोरखपुर आ गए। उनके परिजनों को इसकी जानकारी छह महीने बाद हुई थी।
