भाजपा नेता हत्याकांड: घटना से पहले बंद करा दिया गया था सीसीटीवी कैमरा, पुलिस जता रही इस बात की आशंका
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गुलरिहा पुलिस ने बृजेश सिंह के भाई भोलानाथ सिंह की तहरीर के आधार पर भले ही नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कर हिरासत में लिया है, लेकिन जांच को बंद नहीं किया है। पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपी घर पर मिले हैं, इस वजह से पुलिस को इन पर ज्यादा संदेह नहीं है। हो सकता है इन लोगों ने साजिशन हत्या कराई हो, इस वजह से असल हत्यारे को पुलिस दबोचना चाहती है, यही वजह है कि पुलिस ने तहकीकात को बंद नहीं किया है।
जिस मकान के सामने बृजेश सिंह की हत्या हुई वहां पर सीसीटीवी कैमरा लगा था। गांव में दो मकान हैं और दोनों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। वहां पर कुछ काम करने वाली महिलाएं भी रहती हैं। रात में 9.40 बजे के करीब बृजेश सिंह ने दोनों मकान के सीसीटीवी कैमरों को बंद करा दिया था। इसके डेढ़ घंटे बाद वारदात हो गई। पुलिस को यह बात खटक रही है और कहीं न कहीं घर से भी हत्या के तार जुड़े होने का संदेह हो रहा है। हो सकता है कि हत्यारा मिलने के बहाने बृजेश के पास आया हो और उसे भनक लग गई थी कि सीसीटीवी कैमरा बंद है।
दो विधायक समेत कई समर्थक घर पहुंचे
बृजेश सिंह की हत्या की सूचना पर नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता और समर्थक घर पर पहुंचे थे। सभी ने परिवार को ढांढस बधाया और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
तीन थाने की फोर्स थी मुस्तैद, सुरक्षा के बीच अंत्येष्टि
बृजेश सिंह के घर पर किसी तरह का हंगामा न हो इस वजह से एहतियातन तीन थाने की फोर्स को तैनात किया गया था। अफसर भी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे थे। एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी, सदर तहसीलदार संजीव दीक्षित आदि डटे रहे। पुलिस सुरक्षा के बीच बृजेश सिंह की अंत्येष्टि कराई गई। शव के निकलते ही जगह-जगह पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई थी। पिपराइच एसओ खुद शव के साथ चले तो राजघाट पर भी थानेदार मौजूद रहे। हंगामा होने की आशंका में मेडिकल कॉलेज में ही परिजनों को लेकर प्रशासनिक अफसर पहुंचे और शव सीधे राजघाट भेज दिया गया।