कोरोना से बचाव के लिए 12 से 17 वर्ष के बच्चों और किशोरों को एक और टीके की सौगात मिल गई है। चौथे वैक्सीन के रूप में जिले को एक सप्ताह के अंदर नोवावैक्स वैक्सीन मिलेगी। इसकी दूसरी डोज 28 दिनों के अंतराल पर लगाई जाएगी। इसके बाद बच्चों और किशोरों को दूसरे वैक्सीन का विकल्प मिल जाएगा। अब तक 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोर्बेवैक्स वैक्सीन लगाई जा रही है। जबकि 15 से 17 वर्ष के किशोरों को कोवैक्सीन लगाई जा रही है।
अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: गोरखपुर को अब नोवावैक्स वैक्सीन की मिली सौगात, एक वायल में होगी 10 डोज की सुविधा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानकारी के मुताबिक, अब तक बच्चों और किशोरों को वैक्सीन के रूप में कोर्बेवैक्स और कोवैक्सीन लगाई जा रही है। कोर्बेवैक्स वैक्सीन का एक वायल 20 डोज का है। इसकी वजह से टीका लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी बूथों पर 20 बच्चों का इंतजार करते हैं। जब तक 20 बच्चे बूथों पर नहीं पहुंचते तब तक वायल खोला नहीं जाता है।
देश में किया जा चुका है ट्र्रायल
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि कोर्बेवैक्स से पहले देश में 12 साल से ऊपर के बच्चों और किशोरों के लिए तीन वैक्सीन मौजूद है। मौजूदा समय में बायोलॉजिकल-ई की कोर्बेवैक्स, जायडस कैडिला की जायकोव-डी और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन मौजूद है। अब चौथे वैक्सीन के रूप में नोवावैक्स मिल गई है। इसका ट्रायल देश में किया जा चुका है, जिसके बेहतर परिणाम मिले हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि नोवावैक्स के रूप में एक वैक्सीन जिले को और मिल गई है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को मिल जाएगी। इसके बाद 12 से 17 वर्ष के बच्चों और किशोरों को वैक्सीन के रूप में एक विकल्प मिल सकेगा। इससे टीकाकारण की रफ्तार भी बढ़ेगी।