गोरखपुर में नए साल का पहला दिन जिले के 212 परिवारों के लिए यादगार बन गया। शुक्रवार को जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 19 बच्चों ने जन्म लिया, जबकि निजी अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में 193 घरों में किलकारियां गूंजी हैं। परिजनों ने कहा कि नए साल के पहले दिन बच्चे के जन्म लेने से अब यह तिथि ताउम्र यादगार रहेगी।
इन परिवारों के लिए खास बना नया साल, लोगों ने कहा- कभी नहीं भूलेगा ये दिन
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जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नौ महिलाओं ने बेटियों तो 10 ने बेटों को जन्म दिया। इनके जन्म पर परिवार को दोगुनी खुशियां थीं। एक तरफ नए साल का आगमन तो दूसरी ओर घरों में नवजात के किलकारी की। लोगों ने अस्पताल में मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं।
नौसड़ की विनिता बेटे की मां बनी हैं। उन्होंने कहा कि नए साल पर इससे बड़ी सौगात कुछ और नहीं हो सकती। यह तिथि अब ताउम्र नहीं भूलेगा। सिधारीपुर की नसीम बानो ने नए साल पर बिटिया को जन्म दिया है। नसीम कहती हैं कि बेटियां, बेटों से ज्यादा मां-बाप का दुख दर्द बंटाती हैं। वह अपने घर बेटी के आगमन को लेकर बेहद खुश हैं।
रानीडीहा की वंदना सिंह ने कहा कि मौजूदा परिवेश में बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं रह गया है। बेटियां भी पढ़-लिखकर मां-बाप का नाम रोशन कर रही हैं। बेटी होने पर पूरा परिवार खुश है। मियां बाजार की नेहा बेटे के जन्म पर बेहद खुश हैं। कहती हैं कि यह दिन खुशियों की सौगात लेकर आया है। उरुवा की सोनी सिंह ने बताया कि वह और पूरा परिवार बेटे के जन्म लेने पर बहुत खुश है।
महिला अस्पताल की एसआईसी माला सिन्हा ने कहा कि सात बच्चों का सिजेरियन तो शेष का सामान्य प्रसव कराया गया है। जच्चा-बच्चा सभी स्वस्थ हैं।