{"_id":"5fbb96e8295c76535569b0f1","slug":"neurological-danger-from-indiscriminate-use-of-immunity-enhancing-medicine-and-decoction-for-covid-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अगर अपना रहे हैं ये तरीके तो हो जाएं सावधान, जानिए विशेषज्ञों ने क्यों किया अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अगर अपना रहे हैं ये तरीके तो हो जाएं सावधान, जानिए विशेषज्ञों ने क्यों किया अलर्ट
Mon, 23 Nov 2020 04:45 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 23 Nov 2020 04:45 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी के बीच लोग इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने के लिए दवा से लेकर तमाम तरह के काढ़े का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। अब सामने आया है कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयों और काढ़े के अंधाधुंध प्रयोग से न्यूरोलॉजिकल खतरा हो सकता है। इससे शरीर की नसों पर असर पड़ सकता है। हाथों-पैरों में झनझनाहट के साथ चलने में दिक्कत हो सकती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Pixabay
विशेषज्ञ बिना डॉक्टरों की सलाह के इम्यूनिटी के लिए दवा का सेवन नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। बता दें कि कोरोना महामारी के बीच इम्यूनिटी बढ़ाने के नाम पर कई तरह की दवाएं बाजार में आ चुकी हैं।
डॉ. अमरेश सिंह।(file)
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि जितनी भी दवाएं बाजार में इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में बिक रही हैं, उनके बारे में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि वह शरीर में किस स्तर तक इम्यूनिटी बढ़ाएंगी। ऐसे में यदि शरीर में ज्यादा इम्युनिटी हो जाती है, तो इसके कई तरह के दुष्प्रभाव दिखने शुरू हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अधिक इम्यूनिटी होने पर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी सामने आ रही हैं। देश में इस तरह के दो दर्जन से अधिक केस सामने आ चुके हैं। अगर कोरोना संक्रमित मरीज के शरीर में अधिक इम्यूनिटी मिलती है, तो संक्रमण से मुक्त तो हो जाएगा, लेकिन उसके शरीर के दूसरे अंगों पर इसका असर दिख सकता है। नसों पर सबसे अधिक प्रभाव दिखता है। हाथों-पैरों में चुभन के साथ-साथ चलने फिरने में दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
हरी-सब्जी और फल ज्यादा खाएं
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि लोगों को हरी-सब्जी और फल ज्यादा खाने चाहिए। यह सेहत के लिए हानिकारक नहीं होते हैं। शरीर में इम्यूनिटी कितनी होनी चाहिए इसे मापने का कोई पैमाना नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि जांच के जरिए पता किया जा सकता है कि शरीर में इम्यूनिटी बन रही है कि नहीं। इसकी जांच निजी लैब में होनी शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के बीच लोग इम्यूनिटी की जांच करा भी रहे हैं।
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि लोगों को हरी-सब्जी और फल ज्यादा खाने चाहिए। यह सेहत के लिए हानिकारक नहीं होते हैं। शरीर में इम्यूनिटी कितनी होनी चाहिए इसे मापने का कोई पैमाना नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि जांच के जरिए पता किया जा सकता है कि शरीर में इम्यूनिटी बन रही है कि नहीं। इसकी जांच निजी लैब में होनी शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के बीच लोग इम्यूनिटी की जांच करा भी रहे हैं।