फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जिस तरह से गोरक्षपीठ से मिला ये संदेश, वैसा ही अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर से भी मिलेगा

Thu, 06 Feb 2020 11:33 AM IST
विजय जैन टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर। Published by: विजय जैन Updated Thu, 06 Feb 2020 11:33 AM IST
विज्ञापन
One Scheduled Caste man place in Ram Mandir Construction Trust like Gorakhnath temple
Gorakhnath tempal - फोटो : अमर उजाला।

जिस तरह से गोरक्षपीठ ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया है, वैसा ही संदेश अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर से भी मिलेगा। गोरक्षपीठ के मुख्य पुजारी कमलनाथ अनुसूचित जाति (एससी) के हैं।



अब राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में एक अनुसूचित जाति को रखने का फैसला हुआ है, जो सामाजिक समरसता को बढ़ाने वाला साबित होगा। आपको बता दें कि गोरखनाथ मंदिर की यह परंपरा पुरानी है। गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वरों ने छुआछूत के खिलाफ अभियान चला कर समरसता का बड़ा संदेश दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में राम जन्म भूमि ट्रस्ट का जब एलान किया तो गोरखनाथ मंदिर में जश्न मनाया गया। इसी बीच खबर आई कि ट्रस्ट का एक सदस्य एससी रहेगा। इसका भी गोरखनाथ मंदिर के कर्ताधर्ता ने स्वागत किया।

One Scheduled Caste man place in Ram Mandir Construction Trust like Gorakhnath temple
gorakhnath temple - फोटो : gorakhnath temple

मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने कहा कि यह प्रेरणा शायद गोरक्षपीठ से ही मिली होगी। गोरक्षपीठ सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल है। यहां न कोई छोटा, न कोई बड़ा है। इतना ही नहीं श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन में गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों का योगदान रहा है। जन्मभूमि आंदोलन की शुरूआत जब हुई तो उसमें महंत दिग्विजयनाथ ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। वह जब तक जिंदा रहे, हिंदू महासभा के अध्यक्ष के रूप में अग्रणी भूमिका निभाते रहे। विश्व हिंदू परिषद ने जब आंदोलन खड़ा किया तो राम जन्मभूमि यज्ञ समिति अध्यक्ष महंत अवेद्यनाथ को बनाया गया। उस पर वह जीवन पर्यंत विराजमान रहे। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वह यूपी के मुख्यमंत्री भी हैं।

One Scheduled Caste man place in Ram Mandir Construction Trust like Gorakhnath temple
महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

महंत अवेद्यनाथ ने दिलाया सम्मान
गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि तत्कालीन गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ ने छुआछूत के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाया। इसकी शुरूआत दक्षिण भारत के मीनाक्षीपुरम मंदिर से की, जहां एससी का प्रवेश वर्जित था। महंत अवेद्यनाथ ने वहां जाकर धरना दिया। संतों को समझाया और कहा जब हिंदू नहीं रहेगा तो कौन आप को पूछेगा। इसके बाद दक्षिण के मंदिरों में एससी का प्रवेश शुरू हुआ। उन्होंने पटना के हनुमान मंदिर का महंत भी एससी को बना कर साबित किया कि हिंदू समाज में भेदभाव की कोई जगह नहीं है। इतना ही नही श्री राम जन्म भूमि का जब शिलान्यास किया गया तो उसकी शुरूआत अवेद्यनाथ जी महराज ने एक एससी कामेश्वर से कराई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
One Scheduled Caste man place in Ram Mandir Construction Trust like Gorakhnath temple
गुरु गोरक्षनाथ

25 सालों से मंदिर के मुख्य पुजारी हैं कमलनाथ
गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ 25 साल से काम देख रहे हैं। युवा अवस्था में ही वह सांसारिक सुख से परे हो गए। वे बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के एक एससी परिवार में पैदा हुए। युवा अवस्था में ही घर छोड़ दिया। उनकी इच्छा योग धारण करने की थी। वह 1980 में गोरखनाथ मंदिर आए। तब ब्रह्मलीन पीठाधीश्वर के गुरु भाई नवमीनाथ महराज की सेवा करने लगे। दो साल तक उनकी सेवा की, फिर उन्होंने अपना शिष्य बना लिया।
 

विज्ञापन
One Scheduled Caste man place in Ram Mandir Construction Trust like Gorakhnath temple
गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : Amar Ujala

महंत अवेद्यनाथ महराज का भी उन पर आशीर्वाद रहा। यही कारण है कि वह 25 साल से मंदिर के मुख्य पुजारी का दायित्व निभा रहे हैं। वह कहते हैं कि नाथ पंथ में कोई भेदभाव नहीं है। यह सामाजिक समरसता का संदेश वह पूरे हिंदू समाज को देते हैं कि आपस में प्रेम करना सीखो। सभी भगवान की संतान हैं। इसलिए यहां कोई छोटा है न बड़ा है। वह कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने जिस ट्रस्ट की घोषणा की है, वह बहुत ही प्रशंसनीय है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed