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Raksha Bandhan 2022: दो दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व, यहां देखें शुभ मुहूर्त
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Aug 2022 01:58 PM IST
सार
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, राखी बांधते समय भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। सर्वप्रथम बहन को अपनी अनामिका अंगुली से भाई के मस्तक पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत अर्थात साबुत चावल लगाने चाहिए।
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raksha bandhan 2022
- फोटो : अमर उजाला
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भाई बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार 11 और 12 अगस्त दोनों ही दिन मनाया जाएगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्रा, पंडित जोखन पांडेय शास्त्री, पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र, पंडित बृजेश पांडेय, पंडित राकेश पांडेय, पंडित मानवेंद्र त्रिपाठी का मत है कि 11 अगस्त को दिन में भद्रा होने से राखी नहीं बांधी जा सकेगी। रात आठ बजकर 26 मिनट पर भद्रा समाप्त होगा।
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रक्षाबंधन 2022
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से अगले दिन यानी 12 अगस्त की सुबह सात बजकर 26 मिनट तक बहनें भाइयों को राखी बांध सकती हैं। विद्वानों का यह भी मत है कि 12 अगस्त का दिन शुभ है और इस दिन सौभाग्य योग भी बन रहा है। ऐसे में बहनें 12 को पूरे दिन राखी बांध सकती हैं।
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Raksha Bandhan 2022
- फोटो : iStock
इस तरह बंधवाएं राखी
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, राखी बांधते समय भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। सर्वप्रथम बहन को अपनी अनामिका अंगुली से भाई के मस्तक पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत अर्थात साबुत चावल लगाने चाहिए। इसके बाद राखी बांधते हुए मंगलकामना करनी चाहिए। भाई को भी आपकी बहन की रक्षा का प्रण लेते हुए उपहार भेंट करना चाहिए।
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Raksha Bandhan 2022
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ये है पौराणिक कथा
ज्योतिषाचार्य राजेंद्र बहादुर के अनुसार, महाभारत में शिशुपाल के वध के दौरान सुदर्शन चक्र धारण करते समय भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी। द्रोपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली में बांध दिया था। माना जाता है कि यह घटना सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को हुई थी। मान्यता है कि इसके बाद से ही राखी का पर्व मनाया जाने लगा।
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raksha bandhan 2022
- फोटो : अमर उजाला।
राखी बांधते समय पढ़ें यह मंत्र
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल: । तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल ।।
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