राणा हॉस्पिटल में शुक्रवार को कोरोना वैक्सीन का ट्रॉयल शुरू हो गया है। पहले दिन 10 वालंटियर को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। बताया जाता है कि इनमें से दो वालंटियर की तबीयत थोड़ी खराब हुई। दोनों को चार घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। देर शाम सभी को घर भेज दिया गया है।
Corona Vaccine: गोरखपुर के इस अस्पताल में शुरू हुआ कोरोना वैक्सीन का ट्रॉयल, 10 लोगों पर किया गया परीक्षण
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ट्रॉयल के दौरान शोध की हेड डॉ. सोना घोष और राणा हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की प्रभारी डॉ. निधि मौजूद रहीं। उधर, देर शाम अस्पताल को ई-मेल भेजकर भारत बायोटेक ने 15 दिनों के लिए वैक्सीन के ट्रॉयल पर रोक लगा दी। हालांकि इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक, राणा हॉस्पिटल को अब तक सिर्फ 18 वालंटियर मिले हैं। जबकि भारत बायोटेक से 34 लोगों पर ट्रॉयल की मंजूरी मिली है। कोरोना वैक्सीन के ट्रॉयल को लेकर शासन की ओर से काफी दबाव था। पहले चरण का ट्रॉयल 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा करना था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के पास वालंटियर नहीं थे। महज 10 वालंटियर की शारीरिक जांच की प्रक्रिया पूरी हुई थी। ट्रॉयल की तय समय सीमा होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में 10 वालंटियर को वैक्सीन का डोज दिया है। डोज देने के बाद वालंटियर को हॉस्पिटल के डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। इसकी पुष्टि हॉस्पिटल के मैनेजर वेंकटेश ने की है।
बताया कि अब तक सिर्फ 18 वालंटियर मिले हैं। इनमें 10 को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई है। मैनेजर ने बताया कि कुछ लोगों पर वैक्सीन का मामूली असर दिखा है। सूत्रों के अनुसार वैक्सीन का डोज लगाने के बाद दो युवकों की तबीयत खराब हुई। बुखार के साथ उल्टी और मिचली होने लगी। एक ने चक्कर आने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें चार घंटे तक अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। देर शाम सभी को घर भेज दिया गया।
वैक्सीन के ट्रॉयल पर रोक की वजह स्पष्ट नहीं
शुक्रवार शाम भारत बायोटेक ने ट्रायल पर 15 दिन की रोक लगा दी। यह जानकारी हॉस्पिटल के मैनेजर वेंकटेश ने दी। हालांकि रोक क्यों लगाई गई है इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। उन्होंने बताया कि देर शाम भारत बायोटेक ने ई-मेल के जरिए और लोगों पर ट्रायल करने से रोक लगा दी। अब नया आदेश मिलने के बाद ट्रॉयल किया जाएगा। जिन लोगों पर ट्रॉयल किया गया अस्पताल प्रबंधन ने उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने बताया कि राणा हॉस्पिटल को 34 लोगों पर ट्रायल करने की मंजूरी मिली है।