सरयू व राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से कछार क्षेत्र में हाहाकार है। आलम यह है कि दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों की जिंदगियां अब नाव पर सवार हो गई हैं। डेरवा-जगदीशपुर व बैरियाखास, बरडीहा-खैराटी, कोटिया निरंजन-गोनहा सहित दर्जनों गांवों की सड़कों पर बाढ़ का पानी ओवरफ्लो होने से आवागमन बाधित हो गया है। लिहाजा इन गांवों में प्रशासन द्वारा नाव लगवा दी गई है।
Flood: गोरखपुर ग्रामीण में सरयू व राप्ती की बाढ़ से हालात भयावह, नाव पर सवार हुई जिंदगी
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बड़हलगंज में 13 गांव मैंरुड घोषित
कछार व दियारा क्षेत्र के खोहियापट्टी, सूबेदार नगर माझा, मैभरा, लखनौरा, अजयपुरा स्थित अन्य गांवों के प्राथमिक विद्यालय बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि ज्ञानकोल, कोलखास, बिहुआ, माझा उफ़ॱर सूबेदार नगर, बरडीहा, मैभरा, जगदीशपर, रोहुआ उफ़ॱर मच्छरगावा, गोरखपुरा, अजयपुरा, कोटियादीप शाह, लखनौरी, जैतपुर सहित 13 गांव मैरुंड घोषित कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में छोटी बड़ी 35 नावे लगाई गई है।
राप्ती की बाढ़ से घिरे गांव
भैंसहट, कोईलीखाल, मझवलियां, महराजगंज, नचना, मरकड़ी, केवटान, बेसहनी, बगहा, पौहरिया, रामनगर, पिड़हनी, बेलवादाखिली, बैरियाखास, खोहियापटृटी, पौहरियां, मरकड़ी समेत 28 गांव शामिल हैं।
सरयू के पानी से घिरे गांव
अभयपुरा, दिस्तवलिया, गोनहा, बल्थर, गोनघट, कोटियानिरंजन, कोलखास, ज्ञानकोल, बगहादेवार, खैराटी, मुसाडोही समेत 16 गांव शामिल हैं।
स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम ने बांटी दवा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेरवा की टीम ने डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में पटनाघाट चौकी पर कैंप लगाकर कोलखास व ज्ञानकोल के 117 ग्रामीणों में दवा वितरित की गई। पशुपालन विभाग ने सीधेगौर बल्थर में पशुपालकों को कीट नाशक दवा का वितरण किया। इस दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी कामेश्वर सिंह, भानु प्रकाश मिश्रा, संतोष कुमार सिंह, वशिष्ठ मुनि, खजांची यादव आदि मौजूद थे। संवाद
राप्ती के पानी से बढ़ा आमी नदी का जलस्तर
राप्ती नदी में आई बाढ़ से आमी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे सहजनवां तहसील का आखिरी राजस्व गांव जरलही के कई घर बाढ़ के पानी से घिर गए है। जरलही गांव के पृथपाल, टिकोरी, रामभवन, छविनाथ, छोटेलाल, रामप्रीत, रामेश्वर, अशोक जोखू, फूलचंद, सोनमती, अर्जुन, चंदन, जगलाल जैसे कई लोगों के मकान पानी से घिर गए है। खेत पानी से भर जाने के कारण पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। समाज सेवी सुनील कुमार सिंह, कोमल, सुदर्शन, महाजन ने गांव में नाव लगाने के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। संवाद
ग्रामीण आबादी के पास पहुंचा राप्ती का पानी
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बुधवार सुबह बेलकुर गांव की आबादी में पानी घुसने लगा है। बंधे के किनारे स्थित एक मुर्गी फार्म तक पानी पहुंच गया, जिससे सैकड़ों मुर्गियों की डूबने दूबने से मौत हो गई। गांव के लोगों ने बंधे पर निगरानी रखनी शुरू कर दी है। ग्रामीण अभिषेक सिंह, संदीप सिंह आदि का कहना है कि राप्ती का जलस्तर बढ़ने से बंधे की सतह तक पानी लग गया है।
कुआनो नदी का भी बढ़ रहा जलस्तर
सरयू और कुआनो के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। जिगिनिया और मठरामगिरी के संपर्क मार्ग पर तीन फीट तक पानी आ गया है। तहसीलदार खजनी की ओर से बुधवार को आवागमन के लिए आधा दर्जन नाव लगाई गई है। जबकि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जिगिनिया और जनता इंटरकालेज शाहपुर के अंदर पानी घुस गया है। मंगलवार को भारी बारिश के कारण शाहपुर-खड़गपुर तटबंध पर बेलांव से कटया तक कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं जिसके भराई सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर जितेंद्र कुमार ने कराया।
आधा दर्जन गांव के लोगों का नाव बना सहारा
घाघरा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नरगड़ और टीकापुर के ग्रामीणों का नाव ही सहारा बना है। ग्राम प्रधान नरगड़ा जगा सिंह, राजू निषाद और प्रधान प्रतिनिधि नरगड़ा शिवदत्त सिंह, रधई निषाद, टिकापुर प्रधान विजय शर्मा का कहना है कि अभी तक शासन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है। लेखपाल रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि सुबह से ही मौके पर ड्यूटी लगी है, यथास्थिति की जानकारी तहसील प्रशासन को दी जा रही है।
रोहिन नदी का जलस्तर डेढ़ फीट घटा
जंगल कौड़िया। जंगल कौड़िया-जसवल मार्ग पर गोबरहिया पुल तथा तुर्कवलिया गांव के मध्य सड़क पर लगभग एक फीट पानी लग जाने के कारण आवागमन पूर्ण रूप से बाधित है। क्षेत्रवासियों ने बताया मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को रोहिन नदी का जलस्तर लगभग डेढ़ फीट कम दिखा है।