आज आपको मिलवाते हैं झाड़ू बाबा से। वैसे तो उनका नाम महेश शुक्ला है, लेकिन पिछले 13 वर्षों से उन्होंने गोरखपुर शहर की साफ-सफाई के लिए हाथ में झाड़ू थाम रखा है, तो लोग उन्हें अब झाड़ू बाबा कहने लगे हैं। महात्मा गांधी की आत्मकथा सत्य के प्रयोग को पढ़ने के बाद उन्हें सफाई की प्रेरणा मिली। हालांकि इसके लिए उनके मोहल्ले वाले भी कम जिम्मेदार नहीं हैं, जिन्होंने उनके घर के सामने कूड़ा फेंक कर उन्हें तंग कर रखा था। उन्होंने मोहल्ले वालों को जवाब गांधी जी की शैली में दिया। वे कूड़ा फेंकते थे और यह साफ कर देते थे। इसके बाद एक-एक करके सभी ने कूड़ा फेंकना बंद कर दिया।
Exclusive: घर के सामने की गंदगी को साफ करने के लिए इस शख्स ने पकड़ी झाड़ू, अब लोग बुलाते हैं झाड़ू बाबा
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झाड़ू बाबा सुबह उठने के बाद सबसे पहले मोहल्ले में साफ सफाई करते हैं। इसके बाद कोई दूसरा काम करते हैं। वह शहर के पार्क और प्रमुख स्थानों में भोर में झाड़ू लगाते देखे जा सकते हैं। महेश शुक्ला का उद्देश्य न तो चकाचौंध भरी दुनिया में नाम कमाने का है और न कोई राजनीतिक लालसा है। बिना किसी स्वार्थ के वह शहर को स्वच्छ और साफ बनाने के उद्देश्य से नियमित झाड़ू लगा रहे हैं। शुरुआती दौर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब कोई फर्क नहीं पड़ता है।
गांधी जी की जीवनी सत्य के प्रयोग से मिली प्रेरणा
महेश शुक्ला को साफ-सफाई की प्रेरणा महात्मा गांधी यानी मोहनदास करमचंद गांधी की आत्मकथा सत्य के प्रयोग से मिली। वह बताते हैं कि कोई 13 साल पहले ट्रेन से परिवार के साथ जयपुर जा रहा था। बगल वाली सीट पर बैठे एक सज्जन महात्मा गांधी की जीवनी सत्य के प्रयोग पढ़ रहे थे। उन्होंने समय व्यतीत करने के उद्देश्य से किताब मांगकर पढ़नी शुरू की। किताब में महात्मा गांधी ने सफाई के बारे में प्रेरक बातें लिखी हैं। गांधी जी अपना काम खुद करते थे। कपड़े साफ करने से लेकर शौचालय तक खुद साफ करते थे। इस प्रसंग का खासा असर महेश शुक्ला पर पड़ा। यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने अकेले ही सफाई की मुहिम छेड़ दी।
मोहल्ले वाले फेंकते थे घर के सामने कूड़ा
महेश शुक्ला के घर के सामने मोहल्ले वाले कूड़ा फेंकते थे। इन्होंने लोगों को कई बार मना किया, लेकिन कोई मानता नहीं था। कोई दिन में तो कोई रात अंधेरे में कूड़ा फेंक जाता। टोकने पर कई महिलाएं लड़ने को तैयार हो जातीं। इससे वह परेशान हो चुके थे। गांधी जी की जीवनी से प्रेरणा लेकर उन्होंने एक दिन भोर होने से पहले ही कूड़े को उठाकर फेंक दिया और उस जगह की साफ-सफाई कर दी। अगले दिन से कुछ लोगों ने कूड़ा फेंकना बंद कर दिया। जब इन्होंने चुपचाप अपना काम जारी रखा तो एक दिन सभी ने उस जगह पर कूड़ा फेंकना बंद कर दिया। इस जीत से इन्हें हौसला मिला। हाथ में झाड़ू पकड़ लिए थे तो उसे विस्तार दिया। मोहल्ले में जहां भी गंदगी मिलती उसे साफ करने लग गए।
जनप्रतिनिधियों ने पीएम-सीएम को लिखा पत्र
महेश शुक्ला नियमित रूप से स्वच्छ शहर अभियान में लगे हैं। इसकी जानकारी अन्य लोगों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को भी हुई। इसके बाद राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ल, राज्यसभा सांसद रमापति राम त्रिपाठी, सदर सांसद रवि किशन शुक्ला, विधायक विपिन सिंह, विधायक महेंद्र पाल, पूर्व विधायक विजय बहादुर, बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद सहित कई जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर झाड़ू बाबा को सम्मानित करने का अनुरोध किया है।