कोरोना काल में सब्जी, तेल व खाद्य सामग्री के महंगा होने के बाद अब चाय की प्याली में भी उबाल आ गया है। चाय की पत्ती के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं।
चाय की प्याली में भी आया महंगाई का उबाल, जानिए कितने रुपये महंगी हुई चायपत्ती
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बता दें कि चाय की पत्ती पर 100 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है। जिसके चलते घरों की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। कोरोना संक्रमण बचाव के लिए देश में 22 मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया था।
लॉकडाउन के बाद भी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता रहा जो अभी तक जारी है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गर्म पानी के साथ ही लोगों ने चाय का सेवन भी खूब किया। जिसके चलते चाय की पत्ती की खपत काफी बढ़ गई। पैक्ड चाय 50 से 150 तो खुली चाय पर 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक कीमत बढ़ी है। थोक व्यापारियों के मुताबिक जुलाई से अक्तूबर तक चाय पत्ती उत्पादन का सीजन रहता है, लेकिन बाढ़ की वजह से कई जगहों पर फसल प्रभावित हुई है। इससे पहले लॉकडाउन ने भी असर डाला था।
कंपनी के साथ ही थोक बाजारों में खुली बिकने वाली चाय की पत्ती में भी खपत का इजाफा हुआ है। कारोबारियों के अनुसार अप्रैल व मई महीने में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन और असम में अनियमित बरसात होने का सीधा असर चाय के उत्पादन पर पड़ा है।
चाय की पैदावार कम होने के कारण चाय की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अगले कई महीनों तक दाम कम होने की संभावना नहीं है। सिद्धार्थनगर के किराना व्यवसाई बबलू, दीपू, संदीप और चंदन ने बताया कि नामचीन कंपनियों के अलावा खुली चाय के दाम भी 100-150 रुपये बढ़ें हैं।