यूपी पीसीएस-2018 के परिणाम में गोरखपुर जिले के मेधावियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शहर और माता-पिता का मान बढ़ाया है। नोएडा में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात दक्षिणी बेतियाहाता निवासी शिवा त्रिपाठी ट्रेजरी आफिसर बनी हैं। वहीं, प्रभाकर मणि त्रिपाठी का चयन जिला सूचना अधिकारी तो सौम्या पांडेय वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर चयनित हुई हैं। सौम्या की बड़ी बहन दीपशिखा पांडेय पिछले वर्ष पीसीएस में चयनित हुई थीं। शिवपुर सहबाजगंज की रेनुका राव डिस्ट्रिक ऑडिट आफिसर के पद पर चयनित हुई हैं। मूलरूप से संत कबीर नगर के भुलकी निवासी प्रभाकर मणि त्रिपाठी का आवास शहर के सुभाषचंद बोस नगर में है। पिता स्व. रामचंद्र मणि त्रिपाठी केंद्र सरकार के कई विभागों में राजभाषा के प्रवक्ता रहे। प्रभाकर के बड़े भाई गोरखपुर जर्नालिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष हैं।
तस्वीरें: यूपी पीसीएस में छाए गोरखपुर के होनहारों की जुबानी, यहां पढ़ें इनके संघर्षों की कहानी
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प्रभाकर ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीए के बाद मुरादाबाद से एमबीए किया है। इसके बाद वे तैयारी करने इलाहाबाद चले गए। प्रभाकर ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, मां कामिनी त्रिपाठी के साथ परिवार के सभी सदस्यों को दिया है। वहीं, बड़हलगंज के महुलिया पोयल निवासी व शहर के शिवपुर सहबाजगंज में रहने वाली रेनुका राव ने डिस्ट्रिक्ट ऑडिट ऑफिसर पद पर चयनित होकर माता-पिता का नाम रोशन किया है। इसका श्रेय उन्होंने गुरुजनों, माता-पिता के अलावा भाई ऋषि को दिया है। संतकबीरनगर की निवासी सौम्या पांडेय ने कृष्णानगर कॉलोनी के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की। उनका चयन वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर हुआ है। सौम्या ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता, बहन के अलावा रामनवल सिंह को दिया है।
डिस्ट्रिक्ट ऑडिट ऑफिसर पद पर चयनित रेनुका राव ने कहा कि मेरा सपना आईएएस बनने का है। नौकरी ज्वाइन करने के बाद आईएएस के लिए तैयारी करूंगी। मैं डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन से प्रभावित हूं। इसलिए प्रशासनिक अधिकारी बनकर डॉ. आंबेडकर के रास्ते पर चलते हुए समाज और देश के लिए योगदान देना चाहती हूं। मैंने दिल्ली में रहकर तैयारी की। पांच से छह घंटे की पढ़ाई करती थी। मेरा मानना है कि कोचिंग आपको दिशा दिला सकते हैं, लेकिन स्वयं की पढ़ाई से ही मंजिल मिलेगी।
प्रभाकर मणि बने जिला सूचना अधिकारी
धर्मसिंहवा क्षेत्र के भुलकी गांव निवासी प्रभाकर मणि त्रिपाठी ने पीसीएस 2018 की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उनका चयन जिला सूचना अधिकारी के पद पर हुआ है। प्रभाकर वर्तमान में अपने परिवार के साथ गोरखपुर में रहते हैं। पिता स्व. रामचंद्र मणि त्रिपाठी केंद्र सरकार के कई विभागों में राजभाषा के प्रवक्ता रह चुके हैं। बड़े भाई मारकंडेय मणि त्रिपाठी एक न्यूज चैनल से जुड़े हैं और वर्तमान में प्रेस क्लब गोरखपुर के अध्यक्ष हैं। प्रभाकर ने कहा कि, मेरे पिता हमेशा ही मेरे आदर्श रहे। मेरा सपना था कि कुछ बनकर उनका नाम रोशन करूं। मुरादाबाद से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था कि पिताजी की तबीयत बहुत खराब हो गई और उनका निधन हो गया। मैं बहुत परेशान हो गया, लेकिन बड़े भाई मारकंडेय मणि ने मुझे हिम्मत दी। उनकी सलाह पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुट गया। रोजाना सात से आठ घंटे की पढ़ाई की। मन में संकल्प था कि पिता और भाई की उम्मीदों पर खरा उतरना है। बस, अब चयन होने से मेरा सपना पूरा हो गया।
खुद से किया वादा पूरा किया, पापा का बाकी
वाणिज्य कर अधिकारी पद पर चयनित सौम्या पांडेय ने बताया कि मुझे आईएएस बनना है। यह सपना तबसे है जब मेरे क्षेत्र में डीएम या कोई बड़े अधिकारी आते थे। उस वक्त, पापा कहते थे कि तुम्हें भी इसी तरह बनना है। यह बात मुझे हमेशा प्रेरित करती थी। पिछले वर्ष छोटी बहन दीपशिखा पांडेय का चयन सहायक नगर आयुक्त के पद पर हुआ तो मैंने भी तय कर लिया कि कुछ बनना है। बस कड़ी मेहनत शुरू की। करीब आठ घंटे पढ़ती थी। मैंने हमेशा पाठ्यसामग्री जुटाई और उससे तैयारी की। आज जब रिजल्ट की जानकारी हुई तो बहुत खुशी हुई है। मैैंने खुद से किया वादा पूरा कर लिया। तैयारी जारी रहेगी, मंजिल पाना शेष है।