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टीकाकरण: अफवाह व जानकारी की कमी रोक रही ग्रामीणों के कदम, रजिस्ट्रेशन कराना भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती
Fri, 11 Jun 2021 12:43 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:43 PM IST
सार
टीकाकरण के लिए आगे नहीं आ रहे ग्रामीण। निगरानी समितियां भी ग्रामीणों को नहीं समझा पा रही। स्लॉट बुक कराना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती।
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना संक्रमण के बीच चल रहे कोविड टीकाकरण की रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ नहीं पा रही है। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में टीका लगवाने वाले आगे नहीं आ रहे हैं। अगर किसी तरह लोग टीकारकण के लिए आ भी रहे हैं तो उनके सामने रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुक कराना बड़ी चुनौती साबित हो रही है। इसके अलावा सप्ताह में तीन से चार दिन टीके की कमी उनके कदम और रोक रही है। इन सबके बीच क्षेत्रों में टीके को लेकर फैली अफवाह भी लोगों को आगे आने नहीं दे रही है। हाल यह है कि निगरानी समितियां ऐसे लोगों को समझा भी नहीं पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन में छूट मिले तो कुछ हद तक लोग टीकारकण के लिए आगे आएंगे। इसके अलावा प्रशासन के लोगों को भी टीकाकरण के प्रति जागरूक करना होगा। वरना स्थिति ऐसी ही रहीं तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को टीका लगवाने में कई साल लग जाएंगे। पेश है पड़ताल करती रिपोर्ट...
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना बड़ी चुनौती
विकास खंड सरदारनगर के ग्राम पंचायत आमकोल में 45 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के करीब 50 प्रतिशत लोग किसी तरह टीका लगवा चुके हैं। लेकिन यहां युवाओं की रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक 10 प्रतिशत युवाओं को भी टीका नहीं लग सका है। जबकि बुजुर्गों की संख्या लगभग 20 प्रतिशत और युवाओं की आबादी करीब 50 प्रतिशत के आसपास है। ग्रामीण दिलीप यादव बताते हैं कि टीका लगवाने के लिए निगरानी समिति घर-घर तो जा रही है, लेकिन 18 वर्ष से ऊपर के टीकाकरण में ऑनलाइन रजिट्रेशन परेशानी का सबब बन गया है। अगर रजिस्ट्रेशन की बाध्यता खत्म कर दी जाए तो टीकाकरण में गांव आगे आ जाएगा।
विकास खंड सरदारनगर के ग्राम पंचायत आमकोल में 45 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के करीब 50 प्रतिशत लोग किसी तरह टीका लगवा चुके हैं। लेकिन यहां युवाओं की रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक 10 प्रतिशत युवाओं को भी टीका नहीं लग सका है। जबकि बुजुर्गों की संख्या लगभग 20 प्रतिशत और युवाओं की आबादी करीब 50 प्रतिशत के आसपास है। ग्रामीण दिलीप यादव बताते हैं कि टीका लगवाने के लिए निगरानी समिति घर-घर तो जा रही है, लेकिन 18 वर्ष से ऊपर के टीकाकरण में ऑनलाइन रजिट्रेशन परेशानी का सबब बन गया है। अगर रजिस्ट्रेशन की बाध्यता खत्म कर दी जाए तो टीकाकरण में गांव आगे आ जाएगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
नहीं पहुंचा था टीका, निराश लौटे लोग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव में गुरुवार को टीकाकरण नहीं हो सका। चिकित्सा अधीक्षक डॉ महेश कुमार ने बताया कि सीएचसी बांसगांव के अंतर्गत आने वाले किसी भी ग्राम पंचायत में बृहस्पतिवार को टीकाकरण शुरू नहीं हो सका। इसकी वजह टीके की कमी। कुछ ऐसा ही हाल बृहस्पतिवार को बताया कि टीके की मांग की गई है, जैसे ही टीका आएगा वैसे ही लोगों को टीका लगाना शुरू कर दिया जाएगा। वही, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रापार के अधीक्षक डॉ सीपी मिश्र ने बताया कि केवल केंद्र पर टीका लग रहा है। ग्राम प्रधानों से क्षेत्र के लोगों की सूची मांगी गई है, जैसे ही 50 लोगों की सूची मिलेगी उस गांव में टीम भेजकर टीकाकरण कराया जाएगा। बताया कि लोग टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं है। इसकी वजह से थोड़ी समस्या आ रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव में गुरुवार को टीकाकरण नहीं हो सका। चिकित्सा अधीक्षक डॉ महेश कुमार ने बताया कि सीएचसी बांसगांव के अंतर्गत आने वाले किसी भी ग्राम पंचायत में बृहस्पतिवार को टीकाकरण शुरू नहीं हो सका। इसकी वजह टीके की कमी। कुछ ऐसा ही हाल बृहस्पतिवार को बताया कि टीके की मांग की गई है, जैसे ही टीका आएगा वैसे ही लोगों को टीका लगाना शुरू कर दिया जाएगा। वही, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रापार के अधीक्षक डॉ सीपी मिश्र ने बताया कि केवल केंद्र पर टीका लग रहा है। ग्राम प्रधानों से क्षेत्र के लोगों की सूची मांगी गई है, जैसे ही 50 लोगों की सूची मिलेगी उस गांव में टीम भेजकर टीकाकरण कराया जाएगा। बताया कि लोग टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं है। इसकी वजह से थोड़ी समस्या आ रही है।
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फाइल फोटो।
- फोटो : PTI
उरुवा में टीकाकरण के लिए आगे आ रहे लोग
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के अंतर्गत आने वाले गांव के लोग टीकाकरण के प्रति गंभीर है। यही वजह है कि अब तक इस क्षेत्र में करीब 12 हजार लोगों को टीका लगाया जा चुका है। केंद्र के प्रभारी डॉ जेपी त्रिपाठी ने बताया कि रामरेखा सिंह इंटर कॉलेज उरुवा में कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है। लोग आगे आ रहे हैं। युवाओं की संख्या अधिक है। जबकि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग टीकाकरण के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के अंतर्गत आने वाले गांव के लोग टीकाकरण के प्रति गंभीर है। यही वजह है कि अब तक इस क्षेत्र में करीब 12 हजार लोगों को टीका लगाया जा चुका है। केंद्र के प्रभारी डॉ जेपी त्रिपाठी ने बताया कि रामरेखा सिंह इंटर कॉलेज उरुवा में कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है। लोग आगे आ रहे हैं। युवाओं की संख्या अधिक है। जबकि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग टीकाकरण के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
नहीं हो पा रहा टारगेट पूरा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महावीर छपरा केंद्र के अंतर्गत भौवापार सेंटर पर 40 लोगों का टीकाकरण बृहस्पतिवार को किया गया। जबकि यहां पर 100 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। केंद्र के फॉर्मासिस्ट डॉ. एसके राय ने बताया कि जागरुकता की कमी टीकाकरण में बड़ी बाधा बन रही है। यही वजह है कि किसी भी दिन टीकाकरण का टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा है। वही, दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अगर निगरानी समितियां पहुंचे और लोगों को टीकाकरण के फायदें बताएं तो लोग जरूर आगे आएंगे। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महावीर छपरा केंद्र के अंतर्गत भौवापार सेंटर पर 40 लोगों का टीकाकरण बृहस्पतिवार को किया गया। जबकि यहां पर 100 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। केंद्र के फॉर्मासिस्ट डॉ. एसके राय ने बताया कि जागरुकता की कमी टीकाकरण में बड़ी बाधा बन रही है। यही वजह है कि किसी भी दिन टीकाकरण का टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा है। वही, दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अगर निगरानी समितियां पहुंचे और लोगों को टीकाकरण के फायदें बताएं तो लोग जरूर आगे आएंगे। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।