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अध्ययन: बच्चों को देते हैं ज्यादा मीठी चीजें तो हो जाएं सावधान, हो सकती हैं याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Mon, 05 Apr 2021 12:43 PM IST
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consuming sugary diet in childhood may cause memory problems in later
बच्चों का खाना - फोटो : pixabey

मीठी चीजें खाना और पीना सभी को बहुत पसंद होता है। पसंद से हटकर अगर सेहत के हिसाब से बात करें तो हम सभी को पता होता है कि ज्यादा मात्रा में शर्करा युक्त पेय पदार्थों का सेवन करना हमें मोटापा, मधुमेह और दांतों की सड़न सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शिकार बना सकता है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर और ज्यादा पड़ता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि बचपन में शर्करा युक्त पेय पदार्थों का बहुत अधिक सेवन करना व्यस्कावस्था में याददाश्त से संबंधित परेशानियों का कारण बन सकता है। ऐसे में यदि आपका बच्चा भी शर्करा युक्त पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन करता है तो अभी से ही सावधान हो जाइए, यह काफी नुकसानदायक हो सकता है।

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बच्चों को दें पौष्टिक आहार - फोटो : अमर उजाला

'ट्रांसलेशन साइकेट्री' नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि ज्यादा मीठे पेय पदार्थों के सेवन से गट माइक्रोबायोम में कई तरह के परिवर्तन हो सकता है जोकि बाद में मस्तिष्क के किसी विशेष हिस्से को प्रभावित करता है। गट माइक्रोबायोम पेट और आंतों में बढ़ने वाले सूक्ष्मजीव और बैक्टीरिया होते हैं। 

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food - फोटो : pixa

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार अमेरिकी लोगों में इस तरह की आदतें ज्यादा देखने को मिलती हैं। मीठा पेय पदार्थ इन लोगों के आहार में अतिरिक्त मिठास का एक प्रमुख स्रोत है। चूंकि यह जीवनशैली का हिस्सा हो गया है ऐसे में अध्ययन के दौरान पाया गया कि दो-तिहाई युवा और बच्चे रोजाना कम से कम एक मीठे पेय का सेवन जरूर करते हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

यूएससी डॉर्नसाइफ कॉलेज ऑफ लेटर्स, आर्ट्स एंड साइंस में बायोलॉजिकल साइंसेज की एसोसिएट प्रोफेसर स्कॉट कनोस्की ने आहार और मस्तिष्क के बीच संबंधों का कई वर्षो तक अध्ययन किया। चूहों पर किए गए अध्ययन में उन्होंने पाया कि मीठे पेय पदार्थ न केवल याददाश्त को प्रभावित करते हैं साथ ही गट माइक्रोबायोम पर इनका बुरा प्रभाव देखने को मिलता है। 

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सॉफ्ट ड्रिंक - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान चूहों को मीठे पेय पदार्थ दिए। इन चूहों के एक महीने के होने पर उनका याददाश्त परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों ने पाया कि पानी पीने वाले चूहों की तुलना में अधिक मात्रा में मीठा पेय पदार्थ पीने वाले चूहों की याददाश्त में कई तरह की समस्या देखी गई। 

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