वैश्विक स्तर पर पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना महामारी गंभीर संकट का कारण बनी हुई है। भारत के नजरिए से देखें तो पिछले एक महीने से देश में संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। संक्रमण के दैनिक मामले 17 हजार के आंकड़े को भी पार कर रहे हैं जो पिछले चार महीने में सबसे अधिक है। देश में एक बार फिर से बढ़ते इस संकट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह देते हैं।
Covid-19: विशेषज्ञों की चेतावनी- कोरोना से कोई भी सुरक्षित नहीं, ज्यादातर लोगों में देखे जा रहे हैं ये दो लक्षण, बरतें सावधानी
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विशेषज्ञों ने किया सावधान
कोविड संक्रमण और उसके जोखिमों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम का कहना है कि समय के साथ कोरोना वायरस के व्यवहार में परिवर्तन देखा जा रहा है। जहां एक ओर कोविड-19 का डर अभी भी बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर हमें यह भी जानना चाहिए कि हर खांसी-जुकाम, बुखार की समस्या कोविड नहीं है।
महामारी के दौरान यह देखा गया कि जिन लोगों को पहले से ही गंभीर समस्याएं थी उनका सही तरीके से मेडिकल चेकअप और इलाज नहीं हो पाया जिसके परिणामस्वरूप उनकी स्थिति और बिगड़ गई। कोविड के नए लक्षणों को समझने के साथ हमें दूसरी बीमारियों की गंभीरता पर भी ध्यान देते रहना होगा। नए वैरिएंट्स के साथ कोविड-19 के लक्षणों में बदलाव देखा जा रहा जिसे समझना बहुत आवश्यक है।
कोरोना संक्रमितों में लक्षण
कोरोना संक्रमण के नए लक्षणों की जांच कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने जोई कोविड स्टडी ऐप से प्राप्त डेटा के आधार पर बताया कि मौजूदा समय में संक्रमण के शिकार हो रहे ज्यादातर लोगों में सिरदर्द की समस्या देखी जा रही है। यह आमतौर पर कोविड-19 की शुरुआत से ही होता है और आमतौर पर तीन से पांच दिनों के बीच रह सकता है। यह समस्या मध्यम से गंभीर भी हो सकती है, साथ ही इसमें बुखार होना आवश्यक नहीं है। यदि सिरदर्द लंबे समय तक बना रहता है तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
मांसपेशियों में दर्द
सिरदर्द के साथ कोरोना संक्रमितों में मांसपेशियों में दर्द की दिक्कत भी काफी सामान्य देखी जा रही है। विशेषरूप से ओमिक्रॉन के इस वेब में इसे एक विशिष्ट लक्षण के रूप में देखा गया था। कोविड-19 से संक्रमित लोगों को मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है, यह खासकर कंधों और पैरों में बनी रहने वाली समस्या हो सकती है। मांसपेशियों में दर्द के साथ अत्यधिक थकान या कमजोरी के लक्षणों को लेकर भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कोरोना संक्रमण का खतरा सभी लोगों में
बढ़ते संक्रमण के जोखिम को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही आप वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं फिर भी कोरोना से खुद को पूरी तरह से सुरक्षित समझने की गलती न करें। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन लोगों को बूस्टर शॉट भी लग चुका है वह भी कोरोना के शिकार हो रहे हैं। इस संक्रमण से बचाव के लिए सभी लोगों को निरंतर कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।
वैक्सीनेशन की महामारी की रोकथाम में विशेष भूमिका है पर यह सिर्फ आपको गंभीर रोग और मृत्यु के खतरे से ही बचा सकती है।
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नोट: यह लेख यूनिसेफ द्वारा साझा की गई रिपोर्ट और सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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