आपने अक्सर अपने आसपास के लोगों को नाखून चबाते हुए देखा होगा, सामान्यतौर पर माना जाता है कि जब हम परेशान होते हैं तो इससे मनोवैज्ञानिक तौर पर बचाव के लिए नाखून चबाने लगते हैं। हालांकि कुछ लोगों में समय के साथ यह आदत बन जाती है। क्या आप भी इस आदत के शिकार हैं?
Alert: क्या आपकी भी है नाखून चबाने की आदत? तुरंत छोड़ दें वरना मुंह से लेकर पेट तक की हो सकती हैं कई समस्याएं
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मौखिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नाखून हमारे शरीर के उन हिस्सों में से एक हैं जहाँ बहुत सारे कीटाणु और बैक्टीरिया पाए जाते हैं। जब कोई मुंह में अपनी उंगली डालता है या फिर नाखूनों को चबाता है, तो इन जीवाणुओं के शरीर में प्रवेश करने का जोखिम बढ़ जाता है। ये पेट, मुंह में कई प्रकार के संक्रमण और कुछ स्थितियों में गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। विशेषरूप से बच्चों में नाखून चबाने के कारण पेट के संक्रमण की समस्या काफी आम है।
मौखिक स्वास्थ्य पर असर
नाखून चबाने से दांतों और मसूड़ों पर कई तरह से नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। इससे मसूड़ों के ऊतकों को नुकसान, दांतों और मुंह में नाखूनों में छिपे बैक्टीरिया के पहुंचने से टूथ ग्राइंडिंग जैसे समस्याएं हो सकती हैं। इस आदत को दांतों के लिए भी काफी नुकसानदायक माना जाता है। नाखूनों को चबाते रहने की आदत बैड ओरल हाइजीन का कारण बनती है जिससे मसूड़ों में संक्रमण का खतरा हो सकता है।
इन स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी जानिए
नाखून चबाते रहने की आदत इस तरह की समस्याओं का भी कारण बन सकती है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
- आपके नाखूनों के आसपास की त्वचा में संक्रमण हो सकता है।
- उन ऊतक को नुकसान पहुंचता है जो आपके नाखून बढ़ाते हैं।
- नाखूनों के बनावट में परिवर्तन आ सकता है।
- मुंह में गंदी उंगलियां डालने से जुकाम और अन्य संक्रामक बीमारियां हो सकती हैं।
- नाखून चबाने से आपके दांतों को नुकसान हो सकता है।
इन बातों का रखें ख्याल
यदि आप नाखून चबाने की आदत से परेशान हैं तो इस बारे में अपने चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य प्रदाता से परामर्श लें। ये उपाय भी आपके लिए मददगार हैं।
- उन कारकों से बचें जो नाखून काटने को ट्रिगर करते हैं जैसे कि अतिउत्तेजना, घबराहट या चिंता।
- अपने नाखूनों को छोटा रखें।
- वैकल्पिक विधियों जैसे च्युइंग गम चबाने की आदत डालें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।