वैश्विक स्तर पर कोरोना के जारी संक्रमण के बीच यूरोप में मंकीपॉक्स संक्रमण का भी प्रकोप देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप प्रमुख ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में यहां मंकीपॉक्स के मामले तीन गुना से अधिक हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मंकीपॉक्स की इस तेजी से बढ़ना डराने वाला है, ऐसे में सभी लोगों को इससे लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
Monkeypox Outbreak: यूरोप में दो हफ्तों में तीन गुना तक बढ़े मामले, इस बार देखे जा रहे हैं अलग तरह के लक्षण, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
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51 देशों में रिपोर्ट किए गए केस
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के 51 देशों से 5,000 से अधिक मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कुल मामलों में से 90 फीसदी सिर्फ यूरोपीय देशों से है। आंकड़ों से पता चलता है कि 99% मामले पुरुषों में देखे जा रहे हैं। इनमें भी उन पुरुषों में खतरा अधिक है जो समलैंगिक हैं। अधिकांश लोगों ने दाने, बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और ठंड लगने जैसे लक्षणों की सूचना दी है।
संक्रमितों में देखे जा रहे हैं अलग प्रकार के लक्षण
द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, इस बार के संक्रमण की स्थिति में पिछले प्रकोपों की तुलना में रोगियों के लक्षण बिल्कुल अलग तरीके के देखे जा रहे हैं। शोधकर्ताओं ने लंदन में सेक्सुअल हेल्थ क्लीनिक में आए 54 रोगियों के डेटा का अध्ययन किया। इनमें मई में 12 दिनों के दौरान मंकीपॉक्स का निदान किया गया था। विशेषज्ञों ने पाया कि इन लोगों को जननांग और गुदा क्षेत्र की त्वचा पर घाव था। इस तरह के घाव पिछले मंकीपॉक्स के संक्रमण के दौरान नहीं देखे गए थे।
रोकथाम को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता
शोधकर्ताओ ने मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों से बचाव को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। विशेषज्ञ कहते हैं, मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के निकट शारीरिक संपर्क या उसके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े या चादरों से दूसरों में भी संक्रमण हो सकता है। इनका बड़ी सावधानी से रखरखाव किया जाना आवश्यक है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की आशंका अधिक होती है, इन्हें विशेष रूप से बचाव करते रहना चाहिए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
चेल्सी एंड वेस्टमिंस्टर हॉस्पिटल एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के निकोलो गिरोमेटी कहते हैं, वर्तमान में, यूके और कई अन्य देशों में मंकीपॉक्स के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। ज्यादातर मामलों में समलैंगिकता के कारण इसका प्रसार देखा जा रहा है। संक्रमण के प्रसार को रोकने को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है। मंकीपॉक्स के प्रकोप को रोकने के लिए स्मॉलपॉक्स के टीके प्रभावी पाए गए हैं। कई देशों में इन टीकों की उपलब्धता की कमी देखी गई है, स्वास्थ्य संगठनों की टीकों की उपलब्धता को लेकर तेजी से प्रयास करने की आवश्यकता है। विकसित देशों में मंकीपॉक्स का प्रकोप डराने वाला है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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