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Blood Pressure: बीपी की सही रीडिंग क्या है, बच्चों और युवाओं का ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए? जानिए सबकुछ

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 22 Jan 2026 05:37 PM IST
सार

ब्लड प्रेशर की रीडिंग सही रहने से दिल, दिमाग, किडनी और आंखों जैसी जरूरी अंगों को नुकसान से बचाया जा सकता है। उम्र के साथ-साथ ब्लड प्रेशर की नॉर्मल रीडिंग में भी फर्क होता है।

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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com

Blood Pressure Normal Range: शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल दोनों को कंट्रोल में रखना जरूरी है। इनका बढ़ना कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों का ब्लड प्रेशर (बीपी) अक्सर हाई रहता है, उनमें किडनी, आंखों, तंत्रिकाओं से संबंधित दिक्कतें होने का खतरा तो रहता ही है, साथ ही ये हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है।



हाई ब्लड प्रेशर को स्वास्थ्य विशेषज्ञ 'साइलेंट किलर' भी कहते हैं, क्योंकि इसके लक्षण लंबे समय तक सामने नहीं आते और ये अंदर ही अंदर यह शरीर के कई अहम अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। गलत खान-पान, दिनचर्या में गड़बड़ी, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और नींद की अनियमितता के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है।

अब आपके मन में भी सवाल होगा कि ब्लड प्रेशर का नॉर्मल रेंज कितना होना चाहिए और कब हमें सावधान हो जाना चाहिए?

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ब्लड प्रेशर बढ़ना हो सकता है खतरनाक - फोटो : Freepik.com

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर वह दबाव है जो खून के संचार के दौरान हमारी रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर पड़ता है। समस्या यह है कि ज्यादातर मामलों में व्यक्ति को इस समस्या का तब तक पता नहीं चलता, जब तक कोई गंभीर जटिलता सामने न आ जाए।

समय रहते इसके लक्षणों की पहचान करना और इसे कंट्रोल करने के उपाय करते रहना जरूरी है ताकि दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को होने वाले स्थायी नुकसान से बचा जा सके।

इसके लिए नियमित अंतराल पर अपने ब्लड प्रेशर को चेक करते रहें। आइए जान लेते हैं कि इसकी रीडिंग कितनी होनी चाहिए?

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ब्लड प्रेशर की जांच - फोटो : Freepik.com

कितनी होनी चाहिए बीपी की रीडिंग?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र और शारीरिक स्थितियों के आधार पर ब्लड प्रेशर की नॉर्मल रीडिंग में भी फर्क होता है।

  • 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है। 
  • सामान्य तौर पर छोटे बच्चों (5 से 12 साल) का ब्लड प्रेशर लगभग 90/60 से 110/70 mmHg के बीच होना चाहिए।
  • बच्चों में ब्लड प्रेशर उम्र, लंबाई और वजन पर निर्भर करता है।
  • इसी तरह से वयस्कों की शारीरिक स्थिति और वजन के हिसाब से बीपी की रीडिंग अलग हो सकती है।
  • इससे अधिक की रीडिंग लंबे समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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बच्चों के बीपी की जांच जरूरी - फोटो : Freepik.com

बच्चों के बीपी की जांच जरूरी

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक अध्ययन में पाया है कि उम्र बढ़ने के साथ हृदय रोगों की समस्या से बचे रहने के लिए जरूरी है कि नियमित रूप से बच्चों के भी ब्लड प्रेशर की जांच की जाती रहे।

एक नए अध्ययन में पाया गया है कि 10 साल से कम उम्र के बच्चों में भी हाइपरटेंशन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिन बच्चों में 7 साल की उम्र में उच्च रक्तचाप की दिक्कत थी उनमें 50 साल की उम्र तक हृदय रोगों से मृत्यु का जोखिम 50 प्रतिशत तक अधिक था। यानी अगर कम उम्र से ही ब्लड प्रेशर पर ध्यान दे लिया जाए तो ये भविष्य में हृदय संबंधित जोखिमों को कम करने में मददगार हो सकती है।




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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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