अध्ययनों में स्पष्ट जिक्र मिलता है कि नियमित रूप से मौसमी फलों को आहार में शामिल करने की आपकी आदत सेहत के लिए विशेष लाभप्रद हो सकती है। फलों को कई प्रकार के विटामिन्स, खनिज और पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है, जो न सिर्फ आपको कई तरह की बीमारियों से बचाने में सहायक हैं. साथ ही यह शरीर को स्वस्थ और फिट रखने में भी मदद करते हैं।
Health Tips: इस वजह से रोजाना पपीता खाने की सलाह देते हैं डॉक्टर्स, जानिए इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ
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पपीता खाने से होने वाले लाभ
अध्ययनों से पता चलता है कि पपीता में अस्थमा की रोकथाम से लेकर कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने वाले गुण पाए जाते हैं। ऐसे में इसका सेवन शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। पपीता में ज़ेक्सैन्थिन नामक एक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है कोशिकाओं को होने वाली कई तरह की गंभीर समस्याओं से बचाने में सहायक है। पपीता में पाए जाने वाले विटामिन्स और पोषक तत्व शरीर को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्याओं के जोखिम से बचाने में भी सहायक हैं।
क्या डायबिटीज में खा सकते हैं पपीता?
डायबिटीज में किन फलों का सेवन किया जा सकता है, यह लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग हाई फाइबर वाली डाइट का सेवन करते हैं, उनमें रक्त शर्करा का स्तर कम होता है। पपीता में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। यह टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में रक्त शर्करा, लिपिड और इंसुलिन के स्तर में भी सुधार करने में मदद करता है। एक मध्यम आकार के पपीते से लगभग 6 ग्राम फाइबर प्राप्त होता है।
हड्डियों के लिए फायदेमंद
पपीता में विटामिन-के की उच्च मात्रा पाई जाती है जो इसे हड्डियों के लिए विशेष फायदेमंद बनाती है। विटामिन के, कैल्शियम के अवशोषण में सुधार करता है, जिसका अर्थ है कि यह हड्डियों को मजबूत करने और इसके पुनर्निर्माण को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। कुछ शोध बताते हैं कि पपीता खाने वाले लोगों में आर्थराइटिस या हड्डियों में कमजोरी की दिक्कत भी कम देखी जाती है।
जिन लोगों को अक्सर पाचन से संबंधित दिक्कत बनी रहती है ऐसे लोगों के लिए पपीते का निरंतर सेवन करते रहना फायदेमंद माना जाता है। पपीते में पापेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो पाचन को स्वस्थ बनाए रखने के साथ भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को भी बढ़ाने में मददगार है। पपीता में फाइबर और पानी की मात्रा भी होती है, ये दोनों कब्ज को रोकने और स्वस्थ पाचन तंत्र को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।