करवा चौथ का व्रत सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं। इस साल ये व्रत 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं सज-धज कर पूरे सोलह श्रृंगार कर तैयार होती हैं और चंद्रमा की पूजा करती हैं। साथ ही पति की पूजा कर उन्हीं के हाथ से व्रत खोलती हैं। करवा चौथ का व्रत दिनभर निर्जला रहकर किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं पूरी तरह से स्वस्थ हों और ये व्रत कर सकें। दिनभर निर्जला रहकर करने वाले इस व्रत को गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानियों के साथ करना चाहिए। क्योंकि उन्हें पति की लंबी उम्र की कामना के साथ ही अपने बच्चे का भी ख्याल रखना होता है। अगर आप भी गर्भवती हैं और करवा चौथ का व्रत करने जा रही हैं। तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
Karwa Chauth 2022: गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का व्रत करते समय रखनी चाहिए ये सावधानियां
पूरे दिन निर्जला व्रत करने वाली हैं तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। गर्भवती महिलाओं को अपनी पूरी कंडीशन के बारे में डॉक्टर को बताकर सही सलाह माननी चाहिए। अगर आपकी मेडिकल कंडीशन ठीक नही है और डॉक्टर व्रत करने से मना कर रही हैं। तो जरूरी है कि आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही काम करें।
अगर आप गर्भवती होने के बाद भी व्रत कर रही हैं तो जरूरी है कि पूरे दिन निर्जला व्रत ना करें। इससे बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। पूरे दिन भूखे रहने की बजाय थोड़ा-थोड़ा खाती रहें। जिससे कि बच्चे को भी एनर्जी मिलती रहे। फलों का सेवन व्रत में आसानी से किया जा सकता है। साथ ही ड्राई फ्रूट्स को भी खाएं। ध्यान रहे कि फल को नमक के साथ मिलाकर ना खाएं।
करवा चौथ की सुबह लेने वाली सरगी का खास ख्याल रखें। सरगी में ऐसी चीजें खाएं जो आपको दिनभर एनर्जी दे ना कि बीमार करे। जैसे की सरगी में चाय या कॉफी का सेवन कतई ना करें। इसकी बजाय आप दूध पिएं। खाली पेट चाय या कॉफी पीने से गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए दूध पीना ज्यादा बेहतर विकल्प होगा।
करवा चौथ के दिन अगर गर्भवती महिलाएं व्रत हैं तो उन्हें दिनभर आराम करना चाहिए। सुबह सरगी में खाने पीने के बाद उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय आराम करके बिताना चाहिए। फिर शाम को पूजा के समय ही उठना चाहिए और तैयार होकर पूजा करनी चाहिए। इससे सुस्ती और थकान कम लगेगी।