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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: धुएं में घुटी चीखें और राख में बदले सपने; रूह कंपा देने वाली त्रासदी में 15 जिंदा जले

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 22 Jun 2026 09:54 PM IST
सार

'मेरी जान बच गई, लेकिन मेरे दोस्त भविष्य की जान चली गई...' यह कहते हुए पंकज फफक-फफक कर रोने लगा। हादसे की दहशत और दोस्त को खोने का दर्द उसके चेहरे पर साफ झलक रहा था। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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15 burned alive in Lucknow coaching centre fire screams stifled by smoke dreams turned to ash
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड निवासी पंकज ने बताया कि वह और उसका दोस्त भविष्य एनीमेशन की दुनिया में कुछ बड़ा करने का सपना लेकर आगे बढ़ रहे थे। हम दोनों ने साथ बैठकर अपने करियर के सपने बुने थे। भविष्य, अल्मोड़ा का रहने वाला था। दोनों एक साथ पढ़ाई कर रहे थे। ताकि, एनीमेशन के क्षेत्र में पहचान बना सकें। लेकिन, इस अग्निकांड ने सब कुछ बदल दिया। सपने की दुनिया धूमिल हो गई। 


पंकज ने कहा कि आज उसकी जान तो बच गई, लेकिन उसका सबसे करीबी दोस्त उससे हमेशा के लिए दूर हो गया। जिस भविष्य के साथ सपने पूरे करने थे, वह सपना अधूरा रह गया। दोस्त की याद आते ही पंकज की आंखों से आंसू छलकने लगते थे। हादसे ने सिर्फ जिंदगी नहीं छीनी, कई परिवारों और दोस्तों के सपने भी तोड़ दिए।


 
15 burned alive in Lucknow coaching centre fire screams stifled by smoke dreams turned to ash
आंखों के सामने साथी जले तो निकली चीखें ... - फोटो : अमर उजाला

धुएं से घिरा था हॉल, तार पकड़कर नीचे उतरे

उत्तराखंड के गढ़वाल निवासी शैलेंद्र ने बताया कि आग लगने के बाद देखते ही देखते हॉल में धुआं भर गया। हालात इतने खराब थे कि दरवाजे से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए खिड़की से बाहर निकलने का प्रयास किया। मजबूरी में बिजली के तार पकड़कर नीचे आने की कोशिश की। बिजली के तार भी जल रहे थे। इससे दोनों हाथ झुलस गए। 

शैलेंद्र ने बताया कि आग लगते ही फायर विभाग को सूचना दी गई थी। लेकिन, करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक अंदर फंसे लोगों की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। धुएं और आग के बीच हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था।
15 burned alive in Lucknow coaching centre fire screams stifled by smoke dreams turned to ash
धुएं व लपटों में फंसे लोगों ने सोच लिया था आज आखिरी दिन। - फोटो : अमर उजाला

धुएं व लपटों में फंसा रहा, सोचा आज आखिरी दिन

एनीमेशन सेंटर के आसिफ ने बताया कि हादसे के वक्त हालात बेहद भयानक थे। चारों तरफ धुआं और आग का धुआं फैला हुआ था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। सांस भी नहीं ले पा रहे थे। उसके साथ दूसरी मंजिल पर मौजूद तीन-चार लोग ही किसी तरह बाहर निकल पाए। बाकी साथियों का अब तक पता नहीं चल सका है। आग और धुएं ने ऐसा घेरा बना लिया था कि बाहर निकलना मुश्किल लग रहा था। आंखों के सामने कई साथी अपनी जान गंवा गए।

घायलों में ये लोग हैं शामिल

घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार शामिल हैं।
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जानकारी लेते सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला

योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए

अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अलीगंज के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। 
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पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया

दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर है। 

हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।
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