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नैमिष की धरती से 84 कोसी परिक्रमा शुरू, उमड़ा आस्था का सैलाब

Fri, 16 Feb 2018 02:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 16 Feb 2018 02:25 PM IST
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84 kosi parikrama started in naimisharanya
naimish - फोटो : अमर उजाला
नैमिषारण्य की धरती से 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर शुक्रवार भोर आस्था का सैलाब उमड़ा। भक्ति और उमंग के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने डंका बजने के साथ ही रामधुन में मस्त होकर परिक्रमा के लिए कूच किया। नाचते-गाते हुए श्रद्धालु दोपहर तक पहले पड़ाव कोरोना पहुंच गए।
84 kosi parikrama started in naimisharanya
naimish - फोटो : अमर उजाला
ये है मान्यता

मान्यता है कि नैमिष क्षेत्र में 84 कोसी परिक्रमा भगवान श्री राम,ब्रह्मा, विष्णु, महेश, महर्षि दधीचि ने की है।  हर युग में इस परिक्रमा का विशेष स्थान है। 84 कोस की परिधि में हिन्दू धर्म के समस्त देवी, देवता, तीर्थ मौजूद हैं।

84 kosi parikrama started in naimisharanya
naimish - फोटो : अमर उजाला
द्वारिकाधीश से भी जुड़ा है कोरौना का महत्व
जिला मुख्यालय से 36 किमी. की दूरी पर मौजूद कोरौना पड़ाव स्थल द्वारिकाधीश से जुड़ा हुआ है। यह स्थल अपने आप में पौराणिक इतिहास समेटे हुए है, जहां 84 कोसी परिक्रमा के दौरान महार्षि दधीचि ने पहला पड़ाव डाला था। वहीं, त्रेयता युग में भगवान श्रीराम ने परिक्रमा के दौरान इस स्थान पर आकर विश्राम किया था। 

 

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84 kosi parikrama started in naimisharanya
naimish - फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण भी इस धरती पर पहुंचे थे। भगवान श्रीकृष्ण के पदार्पण के कारण ही इस स्थान पर द्वारिकाधीश मंदिर स्थापित किया गया है। मंदिर के करीब ही तीर्थ मौजूद है, जिसमें परिक्रमा के दौरान आने वाले श्रद्धालु स्नान करते हैं। रात्रि भर रामनगर बसती है, जो भोर होते ही अगले पड़ाव को कूच करती है।
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84 kosi parikrama started in naimisharanya
naimish - फोटो : अमर उजाला

इस बार होंगे बराह कूप के दर्शन
ऐतिहासिक व पौराणिक बराह कूप के दर्शन इस बार श्रद्धालुओं को हो सकेंगे। बीते कई वर्षों से यह कूप अतिक्रमण का शिकार होकर गुम होता जा रहा था। अमर उजाला में खबरें छपने के बाद प्रशासन की नींद टूटी और उसने इस समस्या को गंभीरता से लिया। इसके बाद पड़ाव स्थल से बराह कूप तक जाने के लिए मार्ग दुरुस्त किया गया है। सदियों से पूजे जाने वाले इस बराह कूप का पूजन इस बार भी श्रद्धालु कर सकेंगे। 

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