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साल 2019 जाते-जाते उपद्रवियों ने जलाया लखनऊ तो आंकड़ों पर भारी पड़ा कमलेश तिवारी का मर्डर

Tue, 31 Dec 2019 06:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 31 Dec 2019 06:07 PM IST
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Crime statistics changed in last one year in lucknow
कमलेश तिवारी( फाइल फोटो), रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2019 में अपराध के आंकड़े बीते वर्ष के मुकाबले भले ही कम हों लेकिन नाका में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की सनसनीखेज हत्या सब पर भारी पड़ी। इस हत्याकांड ने राजधानी पुलिस की देशभर में किरकिरी कराई। साल की विदाई से पहले नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा ने भी पुलिसिंग को कठघरे में खड़ा किया। खाकी के लिए अच्छी बात यह रही कि बड़ी वारदातों के खुलासे में ज्यादा वक्त नहीं लगा। इससे बेहतर टीम वर्क नजर आया। हालांकि, यातायात व्यवस्था हर साल की तरह इस बार भी बेपटरी रही। संशोधित मोटर अधिनियम और पुलिस की सख्ती के चलते दोपहिया वाहन सवार जरूर हेलमेट पहनने लगे।

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कमलेश तिवारी मर्डर केस के लिए हुआ प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
कमलेश की हत्या पर उत्तर प्रदेश सहित देश के छह राज्यों में हुए प्रदर्शन
नाका की घनी आबादी वाले मुहल्ले खुर्शेदबाग में 18 अक्तूबर की सुबह हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या साल का सबसे चर्चित हत्याकांड रहा। हत्या से पांच दिन पहले ही कमलेश ने ट्वीट कर अपनी जान को खतरा बताया था पर खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। हत्या के बाद हिंदू संगठन भड़क उठे और जमकर हंगामा-बवाल किया, जिसे पुलिस रोकने में नाकामयाब रही। इस हत्याकांड की आंच से देश के छह राज्य तपे थे। बाद में देश की सुरक्षा एजेंसियों की मदद से पुलिस ने गुजरात समेत अन्य राज्यों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

 
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जलती हुई गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
सीएए के विरोध में उग्र प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध-प्रदर्शन के दौरान 19 दिसंबर को प्रदर्शनकारियों ने सारे इंतजाम ध्वस्त कर पुराने लखनऊ की मदेयगंज और हुसैनाबाद पुलिस चौकी फूंक दी। पुराने लखनऊ से परिवर्तन चौक तक घूम-घूमकर पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स पर पथराव किया। 30 से अधिक वाहनों को आग लगा दी। लखनऊ से सुलगी चिंगारी ने प्रदेश के अन्य राज्यों को भी अपने चपेट में ले लिया था। इसमें भ्ाी पुलिस और खुफिया एजेंसियों की असफलता सामने आई।

आंकड़ों में कम दिखे अपराध
2018 की तुलना में जो आंकड़ा एसएसपी कार्यालय से जारी हुआ, उसमें 2019 में अपराधों की संख्या में काफी कमी आई। 2018 में 8 डकैतियां पड़ी थीं वहीं 19 मे यह संख्या चार पर आ गई। इसी तरह 18 में 162 हत्याएं हुई थीं तो 19 में 145 हत्या की वारदात हुई। वाहन चोरी की वारदात भी 18 के 4215 की तुलना में 19 मेें 3272 हो गई। लेकिन राजधानी पुलिस ने कई योजनाओं को लागू कर सड़कों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई लेकिन लूट की वारदात में कोई कमी नहीं ला सकी। जहां 18 में 52 लूट की वारदात हुई थी तो वहीं 19 में यह संख्या बढ़कर 67 पहुंच गई।



 
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थाना विभूतिखंड - फोटो : अमर उजाला
ऑपरेशन 420 ने गाड़े झंडे, तीन महीने में 600 सलाखों के पीछे
इस साल एसएसपी का ऑपरेशन 420 पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। अंसल कंपनी के निदेशक प्रणव अंसल, रियल एस्टेट कंपनी आर संस इन्फ्रा के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव, बाइक किराये पर झांसा देकर हजारों लोगों से अरबों रुपये हड़पने के आरोपी हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा समेत कई बड़ी मछलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। तीन महीने के ऑपरेशन के दौरान ठगी के 600 से अधिक आरोपी सलाखों के पीछे हैं।

थानों का हुआ कायाकल्प
इस वर्ष थानों के कायाकल्प और पुलिस लाइन के सुंदरीकरण का काफी काम हुआ। सभी थानों में मरम्मत व रंग-रोगन के काम के अलावा पौधे लगवाए गए। थाना परिसर में मुकदमों से संबंधित वाहन पीजीआई के कल्ली पश्चिम में एकीकृत वाहन यार्ड में शिफ्ट किए गए। वाहन हटने से खाली हुई जगह पर पुलिसकर्मियों के खेल-कूद के लिए बैडमिंटन व वॉलीबॉल कोर्ट बनवाए गए। पुलिस लाइन में भी भव्य प्रवेश द्वार, बच्चों के खेलने के लिए पार्क, बैठक कक्ष, परेड मैदान का शेड, 250 लोगों की बैरक समेत अन्य निर्माण कार्य कराए गए।
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विकास चंद्र त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
-  बीट संख्या 290 से बढ़ाकर 3000 की: बरसों पुराने बीट सिस्टम में बदलाव कर सभी थानों की कुल बीट 290 से दस गुना बढ़ाकर 3000 की। इससे जनता के बीच पुलिसकर्मियों की उपलब्धता बढ़ी।
- यातायात के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रहे ई-रिक्शा को हजरतगंज समेत 10 प्रमुख मार्गों से हटवाया गया।
- टूरिस्ट की सुरक्षा के लिए पहली बार दो टूरिस्ट मोबाइल शुरू की गईं। पुराने लखनऊ और गोमतीनगर क्षेत्र में चलने वाली मोबाइल में एक दरोगा के साथ एक सिपाही तैनात रहता है।

मासूम से रेप हत्या छह दिन में चार्जशीट
सितंबर को सआदतगंज की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने मात्र छह दिन में चार्जशीट दाखिल करवाई। बच्ची को उसके पिता का दोस्त बबलू फुसलाकर अपने घर ले गया और रेप के बाद हत्या कर दी थी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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