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दीवार बनी कफन:...अंधेरे में खुली आंख तो सामने था दर्दनाक मंजर, घायलों का दर्द, पलभर में बिखर गया पूरा परिवार
Sat, 17 Sep 2022 01:08 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 17 Sep 2022 01:08 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हम लोगों ने दिनभर दीवार बनाने का काम किया... पंद्रह दिन पहले ही मजदूरी करने यहां आए थे। रोज की एक निश्चित दिनचर्या थी। सुबह जल्दी उठकर बासी खाना खाकर काम पर लग जाते थे। शाम ढलते ही सब प्लास्टिक, तिरपाल, बांस और खपच्चियों से बनी झोपड़ियों में सब मिलकर खाना बनाते और खाकर सो जाते थे। गुरुवार रात भी यही किया। अचानक अंधेरे में रात 12 बजे के आसपास आंख खुली तो सामने दर्दनाक मंजर था। पहले तो कुछ समझ ही नहीं आया। पैर उठाने की कोशिश की तो दर्द से कराह उठा। फोन से पुलिस को सूचना दी...जैसे ही पुलिस पहुंची...मैं बेहोश हो गया। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। यह कहना है 18 वर्षीय गोलू का, जिसे घायल अवस्था में एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल से रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।
लखनऊ में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
गोलू के सिर पर गंभीर चोट आई है और एक पैर फ्रैक्चर है। गोलू ने बताया कि इस हादसे में उसके पिता पप्पू, मां मानकुंवर देवी, भाई प्रदीप, भाभी रेशमा और एक वर्षीय भतीजी नैना की दर्दनाक मौत हो गई। एक झटके में पूरा परिवार बिखर गया।
लखनऊ में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पांच झोपड़ियों में रहते थे मजदूर
हादसे में घायल 20 वर्षीय राघवेंद्र ने बताया कि घटनास्थल पर कुल पांच झोपड़ियों में सभी मजदूर अपने परिवार के साथ रहते थे। उसकी झोपड़ी दीवार से कुछ दूरी पर थी, इसलिए वह बच गया। जिनकी झोपड़ी दीवार से सटी हुई थी, उनमें से अधिकतर मजदूरों व उनके बच्चों की मौत हो गई।
हादसे में घायल 20 वर्षीय राघवेंद्र ने बताया कि घटनास्थल पर कुल पांच झोपड़ियों में सभी मजदूर अपने परिवार के साथ रहते थे। उसकी झोपड़ी दीवार से कुछ दूरी पर थी, इसलिए वह बच गया। जिनकी झोपड़ी दीवार से सटी हुई थी, उनमें से अधिकतर मजदूरों व उनके बच्चों की मौत हो गई।
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लखनऊ
- फोटो : amar ujala
राघवेंद्र ने बताया कि पूरा दिन मेहनत करने के बाद 300 रुपये दिहाड़ी मिलती थी। इसी से गुजारा होता था। ठेकेदार के कहने पर ही ऐसे झोपड़ी बनाकर रह रहे थे।
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लखनऊ
- फोटो : amar ujala
बारिश में दीवार गिरी, मलबे में दबे 9 की मौत
आपको बता दें कि कैंट इलाके के दिलकुशां में सेना के आफिसर्स कालोनी गौर इंक्लेव की दीवार तीन दिन से हो रही बारिश में भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर दो परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। सभी वहीं निर्माणाधीन दीवार के मजदूरी करते थे। हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। हादसे का शिकार हुए सभी मृतक झांसी और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले हैं।
आपको बता दें कि कैंट इलाके के दिलकुशां में सेना के आफिसर्स कालोनी गौर इंक्लेव की दीवार तीन दिन से हो रही बारिश में भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर दो परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। सभी वहीं निर्माणाधीन दीवार के मजदूरी करते थे। हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। हादसे का शिकार हुए सभी मृतक झांसी और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले हैं।