बैरसिया थाना क्षेत्र में हुए किसान के अंधेकत्ल का खुलासा हो गया है। हत्या करने वाला कोई और नहीं किसान के गांव का ही एक युवक निकला। युवक बदमाश है, उसने पता था कि वृद्ध किसान मोकेम सिंह यादव की जेब में हमेशा से 25 से 30 हजार रुपए रहते हैं। हत्या का आरोपी दिनेश ने लूटपाट करने के लिए करीब तीन महीने पहले ही वृद्ध किसान को टारगेट पर ले लिया था। योजना बनाकर आरोपी ने पहले किसान के साथ दोस्ती बढ़ाई। दोनों में नजदीकी होने के बाद वह करीब तीन महीने तक विश्वास जीतने उसके साथ चलता रहा। उसकी हालचाल लेने के साथ काम में हाथ बटाता और भरोसा जीतता चला गया। आखिर मौका पाकर दिनेश ने चार दिन पहले किसान मोकेम सिंह को बैरसिया के सुंदरपुरा गांव के पास जंगल में ले जाकर हत्या की और उसकी जेल से 34 हजार चार सौ रुपए लूटकर फरार हो गया।
आरोपी लूटपाट के लिए ही हत्या को अंजाम दिया था, लेकिन किसान वृद्ध होने के बाद भी आरोपी से भिड़ गया था। इस कारण आरोपी हत्या को अंजाम देते-देते थक गया। हत्या करने के बाद दिनेश ने किसान के एक जेब की तलाशी ली और उसमें 34 हजार से अधिक रुपए मिले, जिसे लेकर वह फरार हो गया। जबकि किसान की दूसरी जेब में भी 21 हजार से अधिक रुपए थे, लेकिन हड़बड़ाहट में आरोपी किसान की दूसरी जेब की तलाशी ही नहीं ले पाया था। यह खुलासा हत्या के आरोपी ने ही बैरसिया पुलिस की पूछताछ में किया है। पुलिस आरोपी को एक दिन की रिमांड पर लेकर लूट की रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है।
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हत्या (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
26 अगस्त को जंगल में मिली थी लाश
भोपाल ग्रामीण एसपी प्रमोद सिन्हा के अनुसार 64 वर्षीय किसान मोकेम सिंह विदिशा जिले का रहने वाला था। सुदरपुरा गांव से सटे जंगल में 26 अगस्त को वृद्ध की लाश मिली थी। पुलिस की जांच के दौरान उसकी पहचान विदिशा जिला निवासी मोकेम सिंह के रूप में हुई। इसके बाद इस अंधेकत्ल का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। बैरिसया थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन ने बताया कि मृतक के पास आधार कार्ड मिला था, जिससे उसकी पहचान ग्राम पीपलधार जिला विदिशा के रूप में हुई। इसके बाद किसान केा गांव पहुंचकर जानकारी जुटाई गई। तब पता चला कि गांव का ही 28 वर्षीय दिनेश अहिरवार करीब तीन महीने से किसान के साथ ही अधिकांश समय रहता था। घटना वाले दिन भी कुछ लोगों ने दिनेश को ही किसान के साथ गांव से बाहर जाते हुए देखा था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दिनेश अहिरवार को पकड़कर पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
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दोस्त बनकर की हत्या।
- फोटो : अमर उजाला
संपन्न किसान होने से आरोपी ने बनाया निशाना
हत्या के आरोपी दिनेश अहिरवार ने पूछताछ में बताया कि वह लूट करने के लिए योजना बनाई थी। इसके बाद आधा दर्जन लोगों को चिन्हित किया गया, लेकिन मोकेम सिंह के पास हमेशा 25 से 30 हजार रुपए जेब में होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें टारगेट किया। तीन महीने तक विश्वास बनाने के लिए उनके करीब रहा और योजना बनाकर ही उन्हें बैरसिया चलने के लिए राजी किया और बीच रास्तें में हत्या कर लूट लिया। आरोपी ने किसान के गमछा ही गले में कसकर हत्या को अंजाम दिया था।
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