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उज्जैन: महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ा सैलाब, दोपहर 12 बजे तक पहुंचे दो लाख से ज्यादा लोग, रात को होगी महापूजा
Tue, 01 Mar 2022 01:38 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 01 Mar 2022 01:38 PM IST
सार
महाशिवरात्रि पर महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा। दोपहर 12 बजे तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे थे। तड़के 3 बजे महाकाल मंदिर के पट खोले गए थे और भस्मारती हुई। रात 11 बजे महापूजा होगी। शाम को सीएम उज्जैन पहुंचेंगे।
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तड़के 3 बजे मंदिर के पट खोले जाने के बाद हुई महाकाल की भस्मारती
- फोटो : सोशल मीडिया
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महाशिवरात्रि पर महाकालेश्वर के दर्शन करने भक्तों का सैलाब उमड़ा। तड़के 3 बजे महाकाल मंदिर के पट खोले गए और भस्म आरती हुई। इसमें श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद दर्शन का दौर शुरू हुआ। दोपहर करीब 12 बजे तक ही श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख के पार पहुंच गई।
देर रात को इस तरह उमड़ी भक्तों की भीड़
- फोटो : सोशल मीडिया
धर्मनगरी उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भक्तों का हुजूम उमड़ा। महाकाल के दर्शन के लिए लाखों लोग पहुंचे। अधिकांश भक्त एक दिन पहले ही उज्जैन पहुंच चुके थे। तड़के 3 बजे महाकाल मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद भस्मारती हुई। भस्मारती में पुजारियों ने महाकाल को जल चढ़ाया। इसके बाद पंचामृत अभिषेक पूजन हुआ। फलों के रस से भी अभिषेक किया गया। भांग से श्रृंगार किया। सुबह 5.30 बजे से आम भक्तों के लिए दर्शन शुरू हुए। इधर पट खुलते ही चार धाम मंदिर पर श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। पुलिस के मेटल डिटेक्टर और कुछ बैरिकेड्स गिर गए। हालांकि कुछ देर तक ही यह स्थिति रही और मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। दर्शन शुरू होने के बाद भक्तों की भीड़ बढ़ती रही और दोपहर करीब 12 बजे तक दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। देर रात तक दर्शन होंगे और 2 मार्च को रात्रि शयन आरती होने के बाद पट बंद होंगे।
महाकाल की भस्मारती में शामिल हुए श्रद्धालु
- फोटो : सोशल मीडिया
कल दोपहर में होगी भस्मारती
दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ने के चलते सुबह 10.30 बजे महाकाल मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को गणेश मंडपम पर रोका और कार्तिक मंडपम से दर्शन करवाकर श्रद्धालुओं को बाहर किया गया। करीब आधे घंटे बाद फिर से गणेश मंडपम से प्रवेश दिया गया। दोपहर 12 बजे उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल और पुजारी घनश्याम ने पूजन किया। 12.30 भोग आरती की गई। महाकाल का दूल्हे के रूप में भांग से श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के बाद प्रात: 7.30 से 8.15 तक दद्योदक आरती, 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती हुई। दोपहर के पूजन के बाद महाकालेश्वर भगवान की शाम 6 बजे की आरती होगी। रात्रि 7 से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुंड पर स्थित कोटेश्वर महादेव का पंचामृत पूजन और सप्तधान अर्पण के बाद पुष्प मुकुट श्रृंगार आरती होगी।
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भस्मारती के बाद की गई आरती
- फोटो : सोशल मीडिया
रात 11 बजे से शुरू होगी महापूजा
महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में रात 11 बजे से गर्भगृह में श्री महाकालेश्वर भगवान की महापूजा और अभिषेक, भस्म धूलन, रुद्राक्ष माला धारण, भू शुद्धि, भूत शुद्धि, अंतर्मात्रिका, बर्हिमात्रिका महान्यास, लघुन्यास, रूद्र पूजन, पंचवत्र पूजन होगा। श्री महाकालेश्वर बाबा को शिव सहस्त्र नामावली से बिल्वपत्र अर्पित किए जाएंगे। महाकाल का पंचामृत और विभिन्न प्रकार के फलों के रस से अभिषेक होगा। सुबह भगवान महाकाल को सप्तधान्य का मुखौटा धारण कराया गया। सप्तधान्य चावल, मूंग खड़ा, तिल, मसूर खड़ा, गेहूं, जौं, साल चढ़ाया गया। बाबा को सवा मन फूलों का पुष्प मुकुट बांध कर सोने के कुण्डल, छत्र और मोरपंख, सोने के त्रिपुण्ड से सुसज्जित किया गया। सुबह 6 बजे सेहरा आरती के दौरान बाबा महाकाल पर चांदी के बिल्वपत्र और सिक्के अर्पित किए गए। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन 2 मार्च को साल में एक बार दिन में भस्मारती होगी। 2 मार्च को सेहरा आरती सुबह 6 बजे होगी। दोपहर की भस्म आरती 12 से 2 बजे तक होगी। ब्राह्मण भोजन दोपहर 2 बजे के बाद होगा। सन्ध्या आरती 6.30 से 7.15 तक होगी व शयन आरती 10.30 बजे होगी। रात्रि आरती के बाद रात्रि 11 बजे पट बंद होंगे।
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भांग से दूल्हे के रूप में किया महाकाल का श्रृंगार
- फोटो : सोशल मीडिया
रात तीन बजे ही पहुंच गए थे 20 हजार भक्त
रात 3 बजे ही लगभग 20 हजार श्रद्धालु बाबा महाकालेश्वर के मंदिर पहुंच गए थे। भीड़ अधिक होने के कारण अव्यवस्था हुई। पुलिस प्रशासन ने झोंकी पूरी ताकत। भीड़ अधिक होने के कारण बेरीकैट भी टूट गए, हालांकि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। शाम को मंदिर प्रांगण में 51 हजार दीप कोटि तीर्थ कुंड के आसपास और मंदिर प्रांगण में सजाए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा पार्किंग की व्यवस्था कर्कराज मन्दिर के पास की गई है। यहां से श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा व मैजिक से नि:शुल्क गंगा गार्ड तक पहुंचाया जा रहा है। गंगा गार्डन पर जूता स्टेण्ड की व्यवस्था की गई है। यहां से श्रद्धालु दातार अखाड़ा मार्ग से होते हुए चारधाम पार्किंग पर पहुंचेंगे तथा यहीं से बेरिकेटिंग में दर्शन के लिए लाइन में लगेंगे। दर्शन के बाद दर्शनार्थी निर्गम मार्ग से होकर बेरिकेटिंग से होकर हरसिद्धि मन्दिर मार्ग से होते हुए नृसिंह घाट होकर गंगा गार्डन जूता स्टेण्ड पर पहुंचे।
