हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच मंगलवार शाम से बुधवार शाम तक तबाही की मूसलाधार बारिश हुई। मंगलवार देर शाम लाहौल के तोंजिंग नाला, बुधवार सुबह छह बजे कुल्लू के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाला की पहाड़ी पर और सुबह साढ़े छह बजे किन्नौर की रक्षम पंचायत में बादल फटने से जानमाल को भारी नुकसान हुआ। लाहौल में आईटीबीपी, एनडीआरएफ और पुलिस ने अब तक सात लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, लापता तीन के लिए सर्च अभियान जारी है। छह मृतकों की पहचान कर ली है। लाहौल जा रही एनडीआरएफ की टीम भी दो घंटे मंडी में फंसी रही। मृतक मंडी जिला और जम्मू-कश्मीर के बताए जा रहे हैं। ब्रह्मगंगा नाले में मां-बेटा और ब्रह्मगंगा कैंपिंग साइट पर काम करने वाली गाजियाबाद की लड़की सहित चार लोग बह गए हैं। इनकी तलाश की जा रही है। चंबा में मंगलवार देर रात भरमौर-पठानकोट एनएच पर भूस्खलन हटाने में जुटी जेसीबी का हेल्पर साथ में बह रहे नाले के तेज बहाव में बह गया था। बुधवार को हेल्पर सुनील कुमार का शव बरामद हो गया है। प्रदेश में अब तक 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान हुआ है।
हिमाचल में तबाही की तस्वीरें: आठ लोगों की मौत, मां-बेटे सहित 7 लापता, पांच पुल टूटे, 400 सड़कें बंद
प्रदेश भर में भूस्खलन और पेड़ गिरने से दर्जनों वाहन मलबे में दब गए। 5 छोटे-बड़े पुल और 31 मकान क्षतिग्रस्त और 9 ढह गए। औट-सैंज, भरमौर-पठानकोट और मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे सहित 387 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हैं। एचआरटीसी की 70 बसें रास्ते में फंसी हैं। शिमला-कालका रेल ट्रैक पर पेड़ गिरने से रेल सेवा बाधित हो गई। 345 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली गुल है। 175 पेयजल योजनाओं में गाद भरने से जलसंकट हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सरकारी आवास ओकओवर के पास भी पेड़ गिरा है। कुल्लू में ब्रह्मगंगा में बाढ़ से एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ, जबकि कई घरों में पानी घुस गया।
तोंजिंग नाले में आई बाढ़ के बाद मनाली-लेह मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी है। लाहौल के किरतिंग, शांशा, फूड़ा, जाहलमा, कमरिंग, थिरोट, उदयपुर आदि में 200 से अधिक पर्यटकों सहित कई श्रद्धालु फंस गए हैं। थिरोट बिजली परियोजना का हेड भी बाढ़ के चलते बह गया है। हणोगी में फोरलेन में लगी मशीनरी भूस्खलन से दब गई है। शिमला के पंथाघाटी क्षेत्र में दो गाड़ियां मलबे में दब गईं और दो को हल्का नुकसान पहुंचा है। कालका-शिमला एनएच-5 पर परवाणू से सोलन के बीच कई जगह पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरा।
एहतियातन पहाड़ी की तरफ वाली लेन बंद करनी पड़ी। शिमला जिले में चिड़गांव के गुम्मा खड्ड में पानी के तेज बहाव से पुल बह गया। पांच गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। सिरमौर में राजगढ़-नौहराधार सड़क पर बहने वाले कंडा नाले के बीच एक कैंटर फंस गया। नूरपुर से चंबा की ओर जा रही आल्टो पर घटासनी के पास मलबा गिरने से बैंक अधिकारी और उसका परिवार बाल-बाल बचा।
तोंजिंग नाले में बह गई थीं दो गाड़ियां- आईटीबीपी, पुलिस और बीआरओ ने शेर सिंह (62), रूम सिंह (41), मेहर चंद (50) निवासी भीमसेई, मंडी और नीरत राम (42) निवासी टकोली, मंडी, मोहम्मद शरीफ और मोहम्मद आजम निवासी कुंदरदान, रियासी, जम्मू-कश्मीर के शव बरामद कर लिए हैं। एक की पहचान नहीं हो पाई है। बीआरओ के मुताबिक तोजिंग नाला में बादल फटने से आई बाढ़ में बहने से कनिष्ठ अभियंता, दो ऑपरेटर और एक जेसीबी गायब है। उपायुक्त नीरज कुमार ने कहा कि तांदी-उदयपुर मार्ग पर तोंजिंग नाले में देर रात भारी बारिश से दो गाड़ियां जिनमें से एक पांगी की तरफ से और दूसरी जाहलमा की तरफ जा रही थी, नाले के तेज बहाव में बह गई थीं।