फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गिनीज बुक में दर्ज होगा 61 किमी लंबा ये ट्रैक, पैदल जाने में लगते हैं सात दिन

Fri, 31 Aug 2018 12:11 PM IST
अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति) Updated Fri, 31 Aug 2018 12:11 PM IST
विज्ञापन
Kugti ManimaheshTrack will be in guinness book of world records

दुनिया के सबसे दुर्गम और रोमांचक ट्रैक में शुमार पवित्र राशिल-कुगती-मणिमहेश पैदल मार्ग जल्द गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता है। इसके प्रस्ताव पर हामी भरने के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम जल्द इस रूट का दौरा करेगी। साल भर ग्लेशियरों से लकदक रहने वाले इस ट्रैक पर तीन दर्रे पार कर 7 दिन में लाहौल के राशिल से चंबा के मणिमहेश पहुंचते हैं। दावा है कि यह ट्रैक देश का सबसे लंबा और दुर्गम है।

Kugti ManimaheshTrack will be in guinness book of world records

इस ट्रैक पर समुद्रतल से 16800 फीट ऊंचे कुगती दर्रा को पार करना पड़ता है। अगस्त में इस रूट से होकर जनजातीय लोगों का जत्था सदियों से पौरी मेले के बाद पैदल पवित्र मणिमहेश की यात्रा पर निकलता है। कुगती दर्रा हिमालय की पीरपंजाल रेंज का सबसे ऊंचा दर्रा है। यह दर्रा साल भर ग्लेशियरों के नीचे दबा रहता है। ऑक्सीजन की कमी के चलते इस रूट से पैदल यात्रा करना बेहद कठिन है। एनजीओ ग्रामीण युवा संगठन ने इस रूट को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए कुछ दिन पहले उनके मुख्यालय को ई-मेल किया था।

Kugti ManimaheshTrack will be in guinness book of world records

गिनीज बुक से मिले जवाब में कहा गया है कि जल्द इस संबंध में उनका भारत स्थित कार्यालय उनसे संपर्क करेगा। पहले उनकी टीम ट्रैक का खुद निरीक्षण करेगी। एनजीओ अध्यक्ष एडवोकेट सुदर्शन ठाकुर ने बताया कि गिनीज बुक को भेजे गए ई-मेल में मणिमहेश ट्रैक रूट की पूरी भौगोलिक स्थिति, ट्रैक की दूरी और ग्लेशियरों से लकदक तीनों दर्रों का हवाला दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Kugti ManimaheshTrack will be in guinness book of world records

इस रूट पर श्रद्धालु बिना किसी ट्रैकिंग तकनीक और साजो सामान के ही पैदल सात दिन तक यात्रा करते हैं। बीते दिनों रवाना हुआ जत्था मणिमहेश पहुंच गया है। अब इसी रूट से वापसी की तैयारी है। इसमें तीन श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा कर रही हैं। मणिमहेश ट्रैक रूट पर दो बार पैदल यात्रा कर चुकी महिला श्रद्धालु ऊषा ने बताया कि रास्ते में तीन दर्रों के अलावा ग्लेशियर और दुर्गम पथरीला रास्ता है।

विज्ञापन
Kugti ManimaheshTrack will be in guinness book of world records

अगर यह रूट गिनीज बुक में दर्ज होता है कि तो इससे लाहौल के साथ पूरे हिमाचल के पर्यटन कारोबार को फायदा होगा। अनछुआ ट्रैक दुनिया के सैलानियों को आकर्षित करेगा। - अमर नेगी, एसडीएम केलांग एवं जिला पर्यटन अधिकारी

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed