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OpenAI: छप्पर-फाड़ कमाई, पर जेब में अब भी छेद! $20 अरब के रेवेन्यू के बाद भी पाई-पाई जोड़ रही कंपनी

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Tue, 20 Jan 2026 03:44 PM IST
सार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिग्गज कंपनी OpenAI ने साल 2025 में 20 अरब डॉलर की कमाई के साथ नया इतिहास रचा है। हालांकि, भारी ऑपरेटिंग खर्च के चलते कंपनी 17 अरब डॉलर के सालाना घाटे में है। इस खर्च की भरपाई के लिए ChatGPT के मुफ्त वर्जन पर विज्ञापन भी दिखने की तैयारी है।

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openai revenue increases by 10 folds in 2025 stills spends 17 billion dollars in operational costs
OpenAI का रेवेन्यू 10 गुना बढ़ा - फोटो : AI जनरेटेड
OpenAI के लिए साल 2025 रिकॉर्डतोड़ रहा। कंपनी ने बताया कि उसकी सालाना कमाई 233% की रफ्तार से बढ़कर 20 अरब डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गई है। यह वही कंपनी है जिसकी कमाई 2023 में महज 2 अरब डॉलर थी। कंपनी की सीएफओ सारा फ्रायर के मुताबिक, यह इतनी बड़ी स्केल पर देखी गई अब तक की सबसे तेज ग्रोथ है।
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ChatGPT - फोटो : अमर उजाला
जितनी बड़ी कमाई उतना ही भारी खर्च
लेकिन यह तरक्की मुफ्त में नहीं आई है। जैसे-जैसे लोग ChatGPT का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, वैसे-वैसे उसे चलाने में होने वाला खर्च भी बढ़ रहा है। कंपनी ने बताया कि उसका कंप्यूटिंग पावर (सर्वर और बिजली) का खर्च भी आसमान छू रहा है। साल 2023 में कंपनी को 0.2 गीगावाट बिजली की जरूरत थी, जो 2025 तक बढ़कर 1.9 गीगावाट हो गई। यानी सिर्फ 2 साल में करीब 10 गुना की बढ़तोरी हो गई।
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ओपनएआई - फोटो : Adobe Stock
फंड जुटाने की तैयारी में एआई जायंट
हैरानी की बात यह है कि कंपनी को अपने कंप्यूटिंग पावर में हर साल 17 अरब डॉलर (करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये) फूंकना पड़ रहा है। केवल सब्सक्रिप्शन से मिलने वाले पैसे इस भारी-भरकम खर्च को पूरा करने के लिए काफी नहीं हैं। यही वजह है कि कंपनी अब 830 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 100 अरब डॉलर का नया फंड जुटाने की कोशिश कर रही है और हाल ही में सॉफ्टबैंक से भी उसे 40 अरब डॉलर की मदद मिली है।
openai revenue increases by 10 folds in 2025 stills spends 17 billion dollars in operational costs
OpenAI - फोटो : Adobe Stock
मजबूरी में लिया विज्ञापनों का सहारा
खर्च और कमाई के बीच बढ़ते फासले को पाटने के लिए OpenAI ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब ChatGPT के 'फ्री' और 'गो' वर्जन इस्तेमाल करने वालों को विज्ञापन दिखाए जाएंगे। हालांकि, जो लोग पैसे देकर सब्सक्रिप्शन ले चुके हैं, उनके लिए अनुभव पहले जैसा ऐड-फ्री ही रहेगा।
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पेड यूजर्स की संख्या अब भी कम - फोटो : FREEPIK
पेड यूजर्स की संख्या अब भी कम
कंपनी ने साफ किया है कि विज्ञापन AI के जवाबों से अलग होंगे, साफ-साफ लेबल किए जाएंगे और यूजर्स की बातचीत के डेटा का इस्तेमाल टारगेटिंग के लिए नहीं होगा। भले ही CEO सैम ऑल्टमैन पहले विज्ञापनों को “आखिरी विकल्प” बता चुके हों, लेकिन बढ़ती लागत ने यह कदम उठाने को मजबूर कर दिया है। मिड 2025 तक OpenAI के कुल वीकली एक्टिव यूजर्स में से केवल करीब 5% यानी 3.5 करोड़ लोग ही पेड सब्सक्राइबर थे। ऐसे में मुफ्त यूजर्स से कमाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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